

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : केंद्रीय बजट को लेकर देश के प्रमुख स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सरकार से व्यापक और दूरदर्शी कदम उठाने की उम्मीद जताई है। मणिपाल हॉस्पिटल्स के चेयरमैन डॉ. सुदर्शन बल्लाल ने कहा है कि बजट में केवल इलाज तक सीमित न रहते हुए एक व्यवहारिक सार्वभौमिक स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, जिससे आम नागरिकों को व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सके। उन्होंने अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों व डॉक्टरों को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. बल्लाल के अनुसार, ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को दूर करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सकता है, ताकि दूरदराज़ के इलाकों तक गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंच सके।
बजट में प्राथमिक और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश बढ़ाने की मांग करते हुए उन्होंने मातृ स्वास्थ्य, टीकाकरण और बच्चों के पोषण को प्राथमिकता देने की बात कही। साथ ही, श्वसन रोग, वेक्टर जनित बीमारियां और जठरांत्र संक्रमण जैसी संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता और ठोस उपायों की जरूरत बताई।
डॉ. बल्लाल ने कहा कि देश में लाइफस्टाइल बीमारियों का बोझ तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में इनके प्रति जागरूकता और रोकथाम के उपायों को बजट में प्रमुख स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने कैंसर के मामलों में निरंतर वृद्धि पर चिंता जताते हुए जागरूकता, रोकथाम, निगरानी, प्रारंभिक जांच और समुचित इलाज के लिए विशेष निवेश की मांग की।
इसके अलावा, उन्होंने हर जिले में गहन चिकित्सा (आईसीयू) और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के लिए अधिक केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता बताई। साथ ही, देश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट मेडिकल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आगे भी जारी रखने और विस्तार देने पर बल दिया।
स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यदि बजट में इन सुझावों को शामिल किया जाता है, तो देश की स्वास्थ्य व्यवस्था अधिक सुदृढ़, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार बन सकेगी।