

नई दिल्ली : नीट पेपर लीक को लेकर जारी आंदोलन के बीच सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच बातचीत पर गतिरोध बरकरार है। आंदोलन के 32वें दिन CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कहा कि अगर सरकार बातचीत चाहती है तो उसे उनकी शर्तों पर आगे आना होगा। वहीं सरकारी सूत्रों का कहना है कि यदि प्रदर्शनकारी बातचीत के लिए आएंगे तो सरकार तैयार है।
अभिजीत दीपके ने कहा, "अगर सरकार बात करना चाहती है तो उसे यहां आना होगा। उसे हमारी शर्तें माननी होंगी। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि वह अपना अहंकार छोड़े।"
दूसरी ओर, CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि बातचीत जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर हो सकती है, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से संगठन पीछे नहीं हटेगा।
इस बीच आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच दूसरे दौर की बातचीत की तैयारी की गई। हालांकि सोमवार को हुई पहली बैठक को लेकर CJP ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
दीपके ने दावा किया कि सरकार ने बातचीत के नाम पर उनके प्रतिनिधियों को कई घंटे तक रोके रखा, ताकि आंदोलन कमजोर किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि आशुतोष रांका और सौरव दास को जेपी नड्डा के आवास पर कई घंटे तक बैठाए रखा गया और उनके मोबाइल भी ले लिए गए।
उन्होंने कहा, "एक तरफ सरकार बातचीत का न्योता देती है और दूसरी तरफ छात्रों पर लाठीचार्ज कराती है। यह पूरी रणनीति आंदोलन को कमजोर करने की थी।"
केंद्र सरकार ने इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
गौरतलब है कि सोमवार को हजारों प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्च की कोशिश की थी, जिसे पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों ने हिंसा के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया। फिलहाल जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शन जारी है।