आधार या बायोमेट्रिक नहीं होने से ग्राहक को हो रही परेशानी का जायजा लेगा खाद्य विभाग

ऐसे ग्राहकों की परेशानियों की जांच करेंगे सीआई
The food department will take stock of the problems faced by customers due to lack of Aadhaar or biometrics
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कोलकाता : आधार कार्ड न होने या बायोमेट्रिक सत्यापन न होने के कारण कोई भी गरीब उपभोक्ता ‘खाद्यसाथी’ योजना से वंचित ना रह जाये, इसको लेकर खाद्य विभाग की ओर से कदम उठाया गया है। खाद्य विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी परवेज सिद्दिकी ने बताया कि राशन डीलर्स और उपभोक्ताओं से हमें इस बाबत शिकायतें मिली हैं। इसे ध्यान में रखकर ही विभाग की ओर से डीलर्स से ऐसे उपभोक्ताओं के बारे में जानकारी मांगी गयी है जो उपभोक्ता आधार कार्ड या फिर बहुत अधिक उम्र होने के कारण ईपॉस में बायॉमेट्रिक नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं के बारे में डीलर्स द्वारा जानकारी दी जाने पर हम सीआई को इसकी जांच के लिए भेजेंगे। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर सत्यतता की जांच करने के बाद केवाईसी की कोशिश की जायेगी और उपभोक्ता को राशन योजना की सुविधा दी जायेगी।

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जिला अधिकारियों को देनी होगी रिपोर्ट

ऐसे ही देखा जायेगा कि जिनके पास आधार नहीं है या केवाईसी नहीं हो पा रहा है मगर उपभोक्ता की परेशानियां सही हैं तो उनके लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था की जायेगी। इसके लिए प्रत्येक जिले के जिलाधिकारियों को 31 अगस्त तक रिपोर्ट भेजनी होगी कि आधार न होने के कारण कितने लाभार्थी वंचित हुए, उनके लिए क्या व्यवस्था की गई, और कौन-कौन से मामले जिला स्तर पर हल नहीं हो सके। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि किसी राशन डीलर या खाद्य विभाग के अधिकारी की लापरवाही से कोई वंचित हुआ है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।खाद्य विभाग के अनुसार, राज्य में लगभग 8 करोड़ 90 लाख राशन कार्डधारी हैं। इनमें से करीब 98% लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, लेकिन कुछ परिवार आधार कार्ड नहीं होने के कारण अब भी राशन से वंचित हैं।

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