

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सड़कों पर बढ़ते वाहनों के बोझ और आए दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से आम जनता को निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार ने अब जलपथ परिवहन को जहां और सुदृढ़ करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है वहीं हुगली नदी के किनारे स्थित पांच प्रमुख व ऐतिहासिक घाटों के कायाकल्प की वृहद योजना भी तैयार की है। राज्य परिवहन विभाग इन घाटों का न केवल जीर्णोद्धार करेगा, बल्कि इन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस कर एक नये 'हब' के रूप में विकसित करेगा।
महोत्सवतला घाट पर सैकड़ों सालों से मनाया जाता है दंड महोत्सव
पानीहाटी के विधायक निर्मल घोष ने बताया कि सालों से पानीहाटी के महोत्सवतला घाट के जीर्णोद्धार की मांग की जा रही थी और हमें खुशी है कि यह मांग पूरी हो रही है। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए कोलकाता नगर निगम के तहत आने वाले शोभाबाजार-अहिरिटोला घाट, पानीहाटी का महोत्सवतला घाट, खड़दह का श्यामसुंदर फेरी घाट, बैरकपुर का ऐतिहासिक रासमणि घाट और श्रीरामपुर के जेटी घाट का चयन किया है। परियोजना के तहत इन घाटों के 500 मीटर के दायरे में बुनियादी ढांचे का विकास किया जायेगा। परियोजना में सबसे अधिक बजट शोभाबाजार-अहिरिटोला घाट के लिए 16.92 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके बाद दूसरा बड़ा फंड पानीहाटी के ऐतिहासिक महोत्सवतला घाट के लिए 15.52 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। यहां साले पांच सौ सालों से श्री चैतन्य महाप्रभू द्वारा शुरू किये गये चीड़ा और दंड महोत्सव का आयोजन किया जाता है जहां हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। परियोजना के तहत घाट, मंदिर प्रांगण को विकसित करते हुए यहां यात्रियों व श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल बनाया जायेगा। वहीं खड़दह के लिए 6.53 करोड़, बैरकपुर के लिए 4.83 करोड़ और श्रीरामपुर के लिए 4.31 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अगले एक वर्ष के भीतर इन सभी कार्यों को पूर्ण करने का लक्ष्य है।
सुन्दरीकरण के साथ आजीविका पर भी ध्यान
विधायक ने बताया कि इस परियोजना के तहत केवल घाटों की मरम्मत ही नहीं होगी, बल्कि गंगा तट का सुन्दरीकरण, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, सड़कों का सुदृढ़ीकरण और यात्रियों के बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। खास बात यह है कि गंगा किनारे अवैध रूप से व्यवसाय करने वाले छोटे दुकानदारों को व्यवस्थित करने के लिए वहां स्टॉल बनाए जाएंगे, जिनमें इन स्थानीय व्यापारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।