

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान निकोबार राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने अंडमान लक्षद्वीप हार्बर वर्क्स कर्मचारियों संघ के प्रतिनिधि के साथ मिलकर बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से भेंट की और अंडमान लक्षद्वीप हार्बर वर्क्स द्वारा 15 से 20 वर्षों से लगातार संलग्न संविदा कर्मियों के समायोजन का मुद्दा प्रस्तुत किया। अंडमान निकोबार राज्य कर्मचारी महासंघ के महासचिव एस. बिजू पिल्लै ने सीएलआरए 1970 के प्रावधानों की जानकारी दी और सर्वोच्च न्यायालय के उन निर्णयों की प्रतियां प्रस्तुत कीं, जिनमें निरंतर और स्थायी कार्यों में लगे कर्मियों को संस्थान में समायोजित करने के निर्देश दिए गए थे। मंत्री ने पूरे मुद्दे को ध्यानपूर्वक सुना और आउटसोर्सिंग ठेकेदार द्वारा लगाए गए कर्मियों के कार्य और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से अनुरोध किया कि अंडमान लक्षद्वीप हार्बर वर्क्स के आउटसोर्स कर्मचारियों की वास्तविक स्थिति का अध्ययन करने के लिए एक समिति गठित की जाए।
अंततः यह सहमति बनी कि कर्मचारीओ की वर्तमान स्थिति, उनके कार्य की प्रकृति और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के प्रकाश में सीएलआरए 1970 के प्रावधानों का अध्ययन करने के लिए एक समिति गठित की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अंडमान निकोबार राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष जयंती कुमार देय ने किया। उनके साथ महासचिव एस. बिजू पिल्लै, अध्यक्ष पी. जगदीश और सचिव श्री अरोग्य दास भी उपस्थित थे।अंडमान निकोबार राज्य कर्मचारी महासंघ ने इस मुद्दे को शीघ्र समाधान की दिशा में ले जाने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष के हस्तक्षेप के लिए आभार व्यक्त किया। महासंघ ने मोप्सडब्ल्यू के अतिरिक्त निजी सचिव पी. दिनेश और निजी सचिव श्री तुहिन हजारिका के सहयोग के लिए भी धन्यवाद दिया। भाजपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य विशाल जोली के प्रयास भी सराहनीय बताए गए।