

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : पर्यटकों और स्थानीय निवासियों में बैरन द्वीप की यात्रा को लेकर बढ़ती रुचि को देखते हुए शिपिंग सेवा निदेशालय ने फरवरी 2026 में विशेष राउंड क्रूज संचालित करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य अंडमान सागर की अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता और दक्षिण एशिया के एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी, बैरन द्वीप, को देखने का अवसर प्रदान करना है।
निर्देशालय ने बताया कि ‘नालंदा’ पोत फरवरी 2026 में दो तिथियों—13 फरवरी और 27 फरवरी—को रात 9 बजे श्री विजयपुरम बंदरगाह से प्रस्थान करेगा। यह क्रूज यात्रियों को द्वीप की अनोखी जलवायु, शानदार समुद्री दृश्य और ज्वालामुखीय भू-रचना का करीब से अनुभव करने का दुर्लभ अवसर देगा। शिपिंग सेवा निदेशालय ने यह सुनिश्चित किया है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा और सुविधा दोनों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
यात्रा के लिए टिकट शिपिंग सेवा निदेशालय के ई-टिकटिंग पोर्टल के माध्यम से बुक किए जा सकते हैं। टिकट बुकिंग 15 जनवरी 2026 की सुबह 9 बजे से शुरू होगी और पोर्टल 24×7 उपलब्ध रहेगा। टिकट बुक करने की प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए पोर्टल से जुड़े क्यूआर कोड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिसे स्कैन कर सीधे बुकिंग पेज पर पहुंचा जा सकता है।
शिपिंग सेवा निदेशालय ने कहा कि यह क्रूज विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो समुद्र यात्रा का आनंद लेना चाहते हैं और साथ ही प्रकृति और भूविज्ञान में रुचि रखते हैं। यात्रा में शामिल होने वाले पर्यटक बैरन द्वीप के चारों ओर नौका द्वारा भ्रमण कर सकते हैं और ज्वालामुखी के सक्रिय होने की प्रक्रिया को सुरक्षित दूरी से देख सकते हैं। साथ ही, समुद्र की लहरों के बीच द्वीप के मनोरम दृश्य और वनस्पति का अनुभव भी इस यात्रा का हिस्सा होगा।
स्थानीय पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक होंगे और अंडमान क्षेत्र के लिए एक नई आर्थिक गतिविधि का मार्ग प्रशस्त करेंगे। वहीं, पर्यटकों के लिए यह एक अनोखा अनुभव होगा, जो उन्हें अंडमान सागर और उसके द्वीपों की प्राकृतिक संपदा के करीब लाएगा।
इस तरह, फरवरी 2026 में श्री विजयपुरम से चलने वाला बैरन द्वीप क्रूज न केवल मनोरंजन का माध्यम होगा, बल्कि पर्यावरण और प्राकृतिक विज्ञान के अध्ययन के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।