केंद्र का बजट 2026–27 अंडमान विकास के लिए क्रांतिकारी

मुद्री सुरक्षा और ब्लू इकॉनमी को मजबूत करने का रोडमैप
केंद्र का बजट 2026–27 अंडमान विकास के लिए क्रांतिकारी
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मत्स्य क्षेत्र में शुल्क-मुक्त और निर्यात प्रोत्साहन

सीफूड सेक्टर की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के प्रयास

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : भारतीय जनता पार्टी, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह ने केंद्रीय बजट 2026–27 का स्वागत करते हुए इसे द्वीपसमूह के लिए व्यापक और परिवर्तनकारी विकास रोडमैप बताया है। डॉ. टी.के. जिजिथ रेखा, मुख्य प्रवक्ता, भाजपा, अंडमान एवं निकोबार के अनुसार अंडमान एवं निकोबार राज्य भाजपा इकाई ने कहा कि यह बजट अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह को एक रणनीतिक समुद्री चौकी तथा भारत की ब्लू इकॉनमी के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में स्थापित करता है, जिससे समुद्री सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में द्वीपों की भूमिका और सुदृढ़ होगी। बजट में मत्स्य क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन दिया गया है, जिसके तहत अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के एक्सक्लूसिव इकॉनमिक ज़ोन में पकड़ी गई मछलियों को शुल्क-मुक्त किया जाएगा, जिससे स्थानीय मछुआरों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी। विदेशी बंदरगाहों पर उतारी गई मछलियों को निर्यात के रूप में मान्यता दी जाएगी, जिससे वैल्यू चेन मजबूत होगी, महिला-नेतृत्व वाले समूह सशक्त होंगे तथा एफपीओ को सहयोग मिलेगा। समुद्री खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े इनपुट पर शुल्क में कमी से लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह का सीफूड सेक्टर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेगा। कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम का उद्देश्य वर्ष 2047 तक तटीय एवं अंतर्देशीय जल कार्गो को 12 प्रतिशत तक बढ़ाना है, जिससे माल ढुलाई अधिक प्रभावी होगी। इंटीग्रेटेड ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तथा ग्रेट निकोबार परियोजना एएनआई को पोर्ट-लेड डेवलपमेंट, ट्रांस-शिपमेंट, बंकरिंग, सेवाओं और वेयरहाउसिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों के विकास से समुद्री कनेक्टिविटी और सुदृढ़ होगी। सी-प्लेन के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग तथा स्वदेशी विनिर्माण अंतर-द्वीपीय परिवहन को मजबूत करेगा। इको-टूरिज्म पहलों जैसे टर्टल ट्रेल्स और बर्ड-वॉचिंग ट्रेल्स के साथ नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड के माध्यम से एएनआई की जैव विविधता, विरासत और संस्कृति का डिजिटल प्रचार-प्रसार किया जाएगा। बजट में 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का प्रावधान किया गया है, जिससे जल उपलब्धता बढ़ेगी तथा मत्स्य और कृषि को समर्थन मिलेगा। कौशल विकास पर विशेष ध्यान देते हुए 10,000 टूर गाइड्स के प्रशिक्षण और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना का प्रावधान किया गया है, जिससे पर्यटन और युवाओं के रोजगार के अवसर विस्तृत होंगे। एएनआई को पुलों, जेट्टी, बंदरगाह, बिजली और जल परियोजनाओं के लिए 2 लाख करोड़ रुपये की एसएएससीआई योजना से भी लाभ मिलेगा। नवीकरणीय ऊर्जा के समर्थन, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल, स्कूलों में एवीजीसी लैब्स, टीआरईडीएस के माध्यम से एमएसएमई सहायता तथा 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई फंड, और कृषि एवं नारियल क्षेत्र को सुदृढ़ करने जैसे प्रावधान द्वीपों के लिए समग्र, सतत और समावेशी विकास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताए गए हैं।


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