

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : दक्षिण अंडमान की पुलिस अधीक्षक श्वेता के. सुगाथन और जिला मजिस्ट्रेट पूर्वा गर्ग ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रस्तावित बंद को असंवैधानिक बताते हुए जनता से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।दक्षिण अंडमान पुलिस और जिला प्रशासन ने 16 फरवरी को प्रस्तावित द्वीप-व्यापी बंद के आह्वान को स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया है। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक श्वेता के. सुगाथन ने बताया कि डिम्ड यूनिवर्सिटी के विरोध में जॉइंट एक्शन फोरम की ओर से बंद की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसे पुलिस विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर औपचारिक रूप से खारिज कर दिया है।
एसपी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन बंद के नाम पर अवैध गतिविधियों में शामिल होता है, जैसे सड़कों को जाम करना, वाहनों को रोकना, लोगों को डराना-धमकाना या परीक्षाओं में बाधा डालना, तो उसके विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखें और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखें। इसके बाद जिला मजिस्ट्रेट पूर्वा गर्ग ने प्रशासन की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि छात्रों की मुख्य मांगें पहले ही स्वीकार की जा चुकी हैं। 13 फरवरी को जारी प्रेस नोट में प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फीस संरचना में कोई बदलाव नहीं होगा तथा वर्तमान छात्रों को पांडिचेरी विश्वविद्यालय से ही डिग्री प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा न आए। जिला मजिस्ट्रेट ने सुप्रीम कोर्ट के भरत कुमार बनाम केरल राज्य निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि बंद का आह्वान और उसे लागू करना असंवैधानिक है, क्योंकि यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। किसी भी राजनीतिक दल या संगठन को जनता के अधिकारों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। संभावित अव्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है, जिसके अनुसार 16 फरवरी को बिना अनुमति पांच या अधिक व्यक्तियों के समूह में एकत्र होने, सड़क जाम करने, दुकानों-कार्यालयों को जबरन बंद कराने तथा शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा डालने पर प्रतिबंध रहेगा।
प्रशासन ने आश्वासन दिया कि सभी सार्वजनिक और निजी परिवहन सेवाएं, शिपिंग व फेरी सेवाएं निर्धारित समयानुसार संचालित होंगी। साथ ही बोर्ड परीक्षाओं, स्कूल परीक्षाओं, जेएनआरएम कॉलेज की विशेष परीक्षा तथा डीबीआरएआईटी में रेलवे भर्ती परीक्षा के सुचारू संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में अधिकारियों ने अभिभावकों और छात्रों से कक्षाएं और परीक्षाएं नियमित रूप से जारी रखने की अपील की तथा स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अवैधानिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने दोहराया कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और जिले में शांति बनाए रखना उनकी सर्वोच्च जिम्मेदारी है।