कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पूर्व मंत्री अरूप विश्वास की त्वरित सुनवाई की मांग खारिज की

पुलिस पूछताछ से बचाव की मांग लेकर पहुंचे थे TMC नेता, कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा- तय प्रक्रिया के तहत होगी सुनवाई
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पूर्व मंत्री अरूप विश्वास की त्वरित सुनवाई की मांग खारिज की
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कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री अरूप विश्वास को सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली। अदालत ने उनकी उस याचिका पर त्वरित सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने पुलिस की किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण की मांग की थी।

यह मामला दिसंबर 2025 में साल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम के दौरान भारी अव्यवस्था, भीड़ नियंत्रण में विफलता और टिकटों को लेकर विवाद सामने आए थे।

न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने अरूप विश्वास के वकील को प्राथमिकी को चुनौती देने वाली याचिका दायर करने की अनुमति दी, लेकिन स्पष्ट कर दिया कि मामले की सुनवाई सूची के क्रम के अनुसार ही होगी। अदालत ने तत्काल सुनवाई और अंतरिम सुरक्षा देने से इनकार कर दिया।

पूर्व खेल मंत्री को पुलिस ने पूछताछ के लिए तलब किया है। वह पिछले सप्ताह भी जांच एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुए थे। उनके खिलाफ कार्यक्रम आयोजक शताद्रु दत्ता ने टिकटों की कथित कालाबाजारी, उगाही, आपराधिक धमकी और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।

गौरतलब है कि 13 दिसंबर 2025 को हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग बिना वैध टिकट के स्टेडियम में प्रवेश कर गए थे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई थी। कई दर्शकों ने शिकायत की थी कि महंगे टिकट खरीदने के बावजूद वे कार्यक्रम का आनंद नहीं ले सके। हंगामे के बीच लियोनेल मेसी को कार्यक्रम से जल्दी निकलना पड़ा था।

बाद में आयोजक शताद्रु दत्ता को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 37 दिन जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुए दत्ता ने पूरे विवाद और वित्तीय नुकसान के लिए अरूप विश्वास को जिम्मेदार ठहराया था। अब इस मामले में पुलिस की जांच और अदालत की आगामी सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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