

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बैरकपुर : बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत नोआपाड़ा थाने में देशनायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती गरिमामय और भव्य तरीके से मनाई गई। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस ऐतिहासिक घटना की याद दिलाने वाला एक गौरवशाली अध्याय था, जिसने नोआपाड़ा और श्यामनगर के इतिहास को अमर बना दिया है। इस विशेष अवसर पर एक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थानीय नागरिकों ने भी बड़े उत्साह से भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के कमिश्नर मुरलीधर, डीसी हेडक्वार्टर अतुल विश्वनाथन, डीसी नार्थ गणेश विश्वास और नोआपाड़ा थाने के प्रभारी राकेश चंद्र साधुखां सहित कई उच्चाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस जगह और कार्यक्रम का ऐतिहासिक महत्व
इस आयोजन का एक गहरा ऐतिहासिक महत्व है। उल्लेखनीय है कि 11 अक्टूबर, साल 1931 को जब नेताजी जगदल गोलघर में आयोजित बंगाल जूट मिल सम्मेलन में शामिल होने जा रहे थे, तब तत्कालीन ब्रिटिश पुलिस ने उन्हें इसी श्यामनगर चौरंगी मोड़ के पास से गिरफ्तार किया था और उन्हें नोआपाड़ा थाना की एक छोटी सी सेल में रखा था वहां से कुछ घंटों तक रहें जहां उन्हें चाय भी पिलायी गयी थी हालांकि उनकी गिरफ्तारी को लेकर लोगों द्वारा प्रतिवाद जताया गया था। उस ऐतिहासिक प्रतिरोध और नेताजी के संघर्ष की स्मृति में हर साल नोआपाड़ा थाना इस दिन को विशेष सम्मान के साथ मनाता है। सीपी मुरलीधर ने कहा कि नोआपाड़ा थाना की ऐतिहासिक जेल सेल नेताजी सुभाषचंद्र बोस के संघर्ष और साहस की जीवंत स्मृति है। इस स्थल से जुड़ा इतिहास हमें देशभक्ति, त्याग और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। ऐसे आयोजनों के जरिए हम नई पीढ़ी तक नेताजी के आदर्श और स्वतंत्रता संग्राम की भावना पहुंचाना चाहते हैं।”