

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पिछली सरकार के दौरान कई जनहित योजनाओं की लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। पुरुष भी महिला के नाम पर भत्ता ले रहे थे। अब नई सरकार ने लाभार्थियों की सूची को शुद्ध करने का फैसला लिया है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में लाभार्थियों की सूची के सत्यापन के साथ-साथ पुरानी वेटिंग लिस्ट को रद्द कर नए सिरे से पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार करने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। सोमवार को नवान्न से सीएम शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि पिछली सरकार के कार्यकाल में तैयार की गई वेटिंग लिस्ट को आज से रद्द किया जा रहा है। मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पात्र लाभार्थियों की नई सूची तैयार की जाएगी। सीएम ने कहा कि पहले ‘जनकल्याण शिविर’ में जिन लोगों ने आवेदन किया है, उनके आवेदनों की जांच कर उन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसी तरह ‘आपकी सरकार आपके साथ’ कार्यक्रम के माध्यम से आवेदन करने वाले लोगों के आवेदनों का भी सत्यापन किया जाएगा और नई सूची में उन्हें प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है।
फर्जी लाभार्थियों पर कार्रवाई
सीएम शुभेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल दोनों ने अपने संबोधन में फर्जी और अपात्र लाभार्थियों की पहचान करने के अभियान पर विशेष जोर दिया। सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया है। सीएम ने पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोना का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां एक पुरुष द्वारा विधवा पेंशन लेने का मामला सामने आया। उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ाकर या फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी भत्ता लेने की व्यवस्था अब नहीं चलेगी। नगर निकाय एवं शहरी विकास विभाग ने करीब 50 हजार, जबकि महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने लगभग 5 लाख फर्जी नाम सूची से हटाए हैं। इससे खाली हुई जगह पर शहरों के करीब 50 हजार वास्तविक बुजुर्गों को भत्ता देने का रास्ता साफ हुआ है।