

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कमरहट्टी : कमरहाटी नगर पालिका के 13 नंबर वार्ड स्थित प्रसिद्ध आद्यापीठ मंदिर के पास पिछले तीन दशकों से अपनी जीविका चला रहे 16 अस्थायी दुकानदारों के सामने आज भूखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। सौंदर्यीकरण और सफाई के नाम पर इन दुकानों को हटा तो दिया गया, लेकिन दोबारा बसाने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। शनिवार को हताश दुकानदारों ने अपनी मांगों को लेकर मंदिर के समीप कुछ देर के लिए विरोध प्रदर्शन किया और रास्ता रोका।
पार्षद पर लगाया गया है वादे से मुकरने का आरोप
दुकानदारों का सीधा आरोप स्थानीय पार्षद मिठू बोस पर है। उनका कहना है कि पार्षद ने वादा किया था कि सफाई अभियान के बाद उन्हें दोबारा उनकी जगह दे दी जाएगी, लेकिन अब प्रशासन अपने वादे से मुकर गया है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि राज्य सरकार एक तरफ कन्याश्री और युवाश्री जैसी योजनाएं चला रही है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर उनकी एकमात्र कमाई का ज़रिया छीन लिया गया है। पुलिस प्रशासन ने भी परिस्थिति देखकर दुकान लगाने की बात कही थी, लेकिन अब उन्होंने भी मुंह फेर लिया है।
पालिका के चेयरमैन से लगायी है गुहार
बिना किसी आय के इन 16 परिवारों के सामने बच्चों की पढ़ाई और घर चलाने का संकट खड़ा हो गया है। दुकानदारों ने नगर पालिका के चेयरमैन गोपाल साहा और पार्षद से गुहार लगाई है कि उन्हें फुटपाथ पर फिर से बैठने की अनुमति दी जाए ताकि वे अपना सम्मानजनक जीवन जी सकें। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल सड़क जाम हटा लिया गया है, लेकिन दुकानदार अब बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं।