लॉकअप में अभियुक्त ने खुद के गले पर चाकू फेरकर की आत्महत्या की कोशिश !

The accused attempted suicide in the lockup by slitting his own throat with a knife!
सांकेतिक फोटो User
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

भाटपाड़ा : उत्तर 24 परगना के औद्योगिक क्षेत्र भाटपारा में उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस हिरासत में मौजूद एक आरोपी ने थाने के भीतर ही आत्मघाती कदम उठा लिया। बुधवार को भाटपारा थाने के लॉकअप में बंद आरोपी प्रेम कुमार साव ने कथित तौर पर बाथरूम में घुसकर गले पर नुकीली वस्तु (चाकू) से हमला कर जान देने का प्रयास किया। इस घटना ने पुलिसिया सुरक्षा और थाने के भीतर की सतर्कता पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

थाने के भीतर हड़कंप, लहूलुहान मिला आरोपी

सूत्रों के अनुसार, प्रेम कुमार साव आर्म्स एक्ट (हथियार तस्करी) के मामले में गिरफ्तार हुआ था। बुधवार को वह थाने के लॉकअप में ही था। दोपहर के समय उसने बाथरूम जाने की इच्छा जताई। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं निकला, तो ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को संदेह हुआ। जब दरवाजा खोलकर देखा गया, तो अंदर का नजारा देख पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। प्रेम कुमार लहूलुहान हालत में जमीन पर गिरा हुआ था और उसके गले से खून निकल रहा था।

हालत नाजुक, कल्याणी जेएनएम रेफर

पुलिस ने बिना समय गंवाए उसे आनन-फानन में भाटपाड़ा स्टेट जनरल अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति और गले के गहरे जख्म को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत नदिया के कल्याणी जेएनएम (JNM) अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल उसकी हालत अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है और वह डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में है।

सुरक्षा पर उठे सवाल: बाथरूम में कैसे पहुंचा हथियार?

इस घटना ने सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस हिरासत में होने के बावजूद आरोपी के पास चाकू या कोई धारदार वस्तु कैसे पहुंची? क्या लॉकअप में ले जाने से पहले उसकी तलाशी नहीं ली गई थी, या उसने बाथरूम के भीतर ही किसी चीज को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया?

6 दिनों की हिरासत में था आरोपी

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रेम कुमार साउ को हाल ही में अवैध हथियारों के साथ पकड़ा गया था। बैरकपुर अदालत ने उसे 6 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया था। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही थी कि हथियारों के इस धंधे के तार और कहां-कहां जुड़े हैं। हालांकि, उसने यह कदम क्यों उठाया, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है। क्या वह किसी दबाव में था या इसके पीछे कोई और बड़ी वजह है, पुलिस इसकी बारीकी से जांच कर रही है।

भाटपारा थाने के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले पर फिलहाल कुछ भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं, लेकिन थाने के भीतर हुई इस 'चूक' ने प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।

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