टीचर के नहीं होने से पठन-पाठन पर असर

टीचर की स्कूलों में वापसी की मांग
टीचर के नहीं होने से पठन-पाठन पर असर
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राज्य चुनाव आयोग से की अपील

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : अप्रैल से स्कूलों में परीक्षा शुरू होने वाली है। दूसरी तरफ टीचर एसआईआर के कार्य में लगे हुए है। स्कूलों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। इससे पहले माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं में इनविजिलेटर की जिम्मेदारी निभाई। अब कापियां जांच रहे हैं। बाकी एसआईआर के कार्य से जुड़ गए हैं। वोट कर्मी और बीएलओ एक्य मंच ने चुनाव आयोग से अपील की है कि टीचरों को वापस स्कूल भेजा जाए। राज्य चुनाव आयोग को ज्ञापन देते हुए कहा गया है कि छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए टीचर को वापस स्कूल भेजा जाए। इसमें कहा गया है कि अभी तक आधा पाठ्यक्रम भी पूरा नहीं हो पाया है। इधर अप्रैल में परीक्षा शुरू होने वाली है।

SIR कार्य के कारण टीचर नहीं हैं स्कूलों में

मंच के जनरल सेक्रेटरी स्वपन मंडल ने कहा कि अभी SIR के काम के लिए और कुछ नहीं किया जा सकता है। इसलिए हमने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि सभी टीचरों को तुरंत अपने स्कूल में वापस भेजा जाए। उन्होंने कहा कि तीन विधानसभा क्षेत्रों के टीचरों को पहले ही स्कूल में लौटने का निर्देश दिया गया था, पर राज्यभर में यह निर्देश लागू नहीं हुआ। इसीलिए मंच ने ज्ञापन दिया है। एक शिक्षक ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि राज्य के अधिकांश छात्र-छात्राओं का सहार सरकारी स्कूल ही हैं। अगर टीचर महीनों तक अन्य कार्य में व्यस्त रहेंगे तो इसका खामियाजा छात्र-छात्राओं को ही चुकाना पड़ेगा। एक्य मंच का कहना है कि मार्च में टीचर कुछ कक्षाएं लेकर पाठ्यक्रम को पूरा करने की कोशिश कर सकते हैं।

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