

नई दिल्लीः 'इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स' (आईएटीओ) ने रविवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों की वजह से यात्रा बुकिंग रद्द करने और तारीखें आगे बढ़ाने के अनुरोधों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इसका सबसे अधिक प्रभाव खाड़ी देशों के प्रमुख केंद्रों के माध्यम से भारत को यूरोप से जोड़ने वाले मार्गों पर पड़ा है।
आईएटीओ के अध्यक्ष रवि गोसाईं ने पीटीआई को बताया कि देशभर के ट्रैवल एजेंट यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए एयरलाइन और विदेशी भागीदारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसके तहत वैकल्पिक मार्ग, बुकिंग में बदलाव और पैसा वापसी की सुविधा दी जा रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, अभी अल्पकालिक अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन हमें उम्मीद है कि स्थिति जल्द स्थिर होगी। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने एजेंट के संपर्क में रहें और घबराकर बुकिंग रद्द न करें, क्योंकि ज्यादातर मामलों में एयरलाइन कंपनियां उचित विकल्प दे रही हैं।’’ इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया में कई हवाई क्षेत्रों को बंद कर दिया गया है, जिससे विमानों का परिचालन बड़े पैमाने पर प्रभावित हुआ है।
दिल्ली हवाई अड्डे पर रविवार को कम से कम 100 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं, वहीं पश्चिम एशिया में मौजूदा संकट के कारण विमानन कंपनियां परिचालन संबंधी दिक्कतों से जूझ रही हैं। एक सूत्र ने बताया कि प्रस्थान एवं आगमन से संबंधित क्रमश: 60 और 40 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गई हैं।
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में बदलती राजनीतिक स्थिति के कारण पश्चिम की ओर जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में व्यवधान या समय-सारिणी में परिवर्तन हो सकता है।’’
वहीं पश्चिम एशिया में ताजा घटनाक्रम के मद्देनजर एअर इंडिया ने रविवार के लिए 22 और अंतरराष्ट्रीय उड़ाने रद्द कर दीं। इसके साथ ही, इस घटना के कारण अब तक विदेश के लिए 50 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं।
नागर विमानन मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों के कारण भारतीय विमानन कंपनियों द्वारा एक मार्च को 444 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द किए जाने की संभावना है।