

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच India ने Iran द्वारा United Arab Emirates के फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज़ ज़ोन पर किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए।
विदेश मंत्रालय ने इस घटना को “अस्वीकार्य” बताया है और तुरंत हिंसा रोकने की अपील की है। मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने कहा कि नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना गंभीर चिंता का विषय है।
भारत ने स्पष्ट किया कि वह इस पूरे मामले में संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान का समर्थन करता है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत Strait of Hormuz में निर्बाध व्यापार और आवाजाही सुनिश्चित करने की भी अपील की गई।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी हमले की निंदा करते हुए कहा कि नागरिकों और इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है।
उन्होंने यूएई के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि क्षेत्रीय शांति और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवाजाही बेहद जरूरी है।
यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान की ओर से दागे गए 15 मिसाइल और 4 ड्रोन को एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट किया। हालांकि, एक ड्रोन फुजैराह के बड़े ऑयल फैसिलिटी में गिरा, जिससे आग लग गई और वहां काम कर रहे तीन भारतीय घायल हो गए।
इसके अलावा, ब्रिटिश सेना ने भी यूएई के पास समुद्र में दो कार्गो जहाजों में आग लगने की सूचना दी है।
ईरान ने हमले की सीधी जिम्मेदारी नहीं ली है। विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिका और यूएई को हालात को और बिगड़ने से बचाना चाहिए।
ईरानी मीडिया के अनुसार, एक सैन्य अधिकारी ने दावा किया कि यूएई या उसके तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोई योजना नहीं थी और यह घटना अमेरिका की कार्रवाई का परिणाम हो सकती है।
Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा इस मार्ग को फिर से खोलने के लिए ऑपरेशन शुरू करने के बाद स्थिति और जटिल हो गई है।
यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद अहम है। ईरान द्वारा इसकी आवाजाही बाधित करने से पहले ही अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेजी और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर देखने को मिल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा।
भारत ने एक बार फिर सभी पक्षों से संयम बरतने और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में काम करने की अपील की है।