नयी दिल्ली : भारत की तीनों सेनाओं की दस मिहला अफसर एक ऐतिहासिक मिशन पर निकलने वाली हैं। वे भारतीय सशस्त्र सेवा पोत (आईएएसवी) ‘त्रिवेणी’ पर सवार होकर पूरी दुनिया का चक्कर लगायेंगी। यह पहली बार है जब थलसेना, नौसेना और वायुसेना की महिलाएं एकसाथ ऐसा कर रही हैं। इस अभियान में यह दल 26,000+ समुद्री मील की दूरी तय करेगा। वे भूमध्य रेखा को दो बार पार करेंगी और तीन बड़े अंतरीपों (केप्स) को भी पार करेंगी।
11 सितंबर से शुरू होगा सफर
सेना ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में बताया कि यह दल दक्षिणी महासागर और ड्रेक पैसेज जैसे दुनिया के सबसे कठिन समुद्रों का सामना करेगा। सेना के अनुसार यह सिर्फ एक नौकायन अभियान नहीं है बल्कि यह भारत की समुद्री यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह वर्दी में नारी शक्ति, तीनों सेनाओं की एकता और साहस की भावना को दर्शाता है। महिला अफसरों का यह सफर 11 सितंबर से शुरू होगा। गौरतलब है कि ‘आईएएसवी त्रिवेणी’ एक खास नौका है। इसे थल सेना ने बनाया है। यह लंबी दूरी की यात्राओं के लिए बिल्कुल सही है।
जून में भी पूरा किया था एक त्रिसेवा अभियान
इससे पहले भारत के समुद्री और सैन्य इतिहास में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए सेना, नौसेना और वायुसेना की महिला अफसरों की एक टीम सेशेल्स और फिर वापस स्वदेश तक के एक अग्रणी अंतरराष्ट्रीय नौकायन अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद मई में मुंबई लौट आयी थी। यह अभियान 7 अप्रैल, 2025 को शुरू किया गया त्रिसेवा अखिल महिला नौकायन अभियान ने समुद्र में लगभग 55 दिन में 3,600 समुद्री मील की कुल दूरी तय की। यह पहली बार था जब भारतीय सशस्त्र बलों की तीनों सेवाओं के एक महिला चालक दल ने ‘त्रिवेणी’ पर सवार होकर मुंबई-सेशेल्स-मुंबई मार्ग पर एक अंतरराष्ट्रीय नौकायन यात्रा की थी।