जल संकट के बीच व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए अस्थायी जल राशनिंग लागू

जल संकट के बीच व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए अस्थायी जल राशनिंग लागू
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : लगातार घटती जल उपलब्धता और बढ़ती खपत के मद्देनजर श्री विजयपुरम नगर परिषद ने शहर के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए तत्काल प्रभाव से जल राशनिंग लागू करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय नगर परिषद और प्रमुख हितधारकों के बीच आयोजित बैठक के बाद लिया गया, जिसमें अंडमान चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। बैठक में शहर की मौजूदा जल स्थिति, जल स्रोतों की उपलब्धता और विभिन्न व्यावसायिक एवं घरेलू खपत पैटर्न का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। नगर परिषद के अनुसार, 24 फरवरी 2026 से शुरू होने वाले इन उपायों के तहत होटल, रेस्टोरेंट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को नियंत्रित जल आपूर्ति प्रणाली के माध्यम से ही जल प्राप्त होगा। इसका उद्देश्य केवल व्यावसायिक क्षेत्रों में जल की खपत को नियंत्रित करना नहीं है, बल्कि पूरे नगर में जल संसाधनों का विवेकपूर्ण और समान वितरण सुनिश्चित करना भी है। नगर परिषद ने स्पष्ट किया कि ये उपाय अस्थायी हैं और केवल तब तक प्रभावी रहेंगे जब तक जल उपलब्धता की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती। नगर परिषद ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अनुरोध किया है कि वे जल राशनिंग के नियमों का पालन करें और इस संकट की घड़ी में सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं। इसके साथ ही सभी प्रतिष्ठानों को सलाह दी गई है कि वे अपने संचालन में जल संरक्षण के उपाय अपनाएं, जैसे कि जल का दोबारा उपयोग, रिसाइक्लिंग, लीक चेक और अनावश्यक जल खपत में कटौती। परिषद ने यह भी कहा कि जल संकट से निपटने के लिए केवल सरकारी प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं; प्रत्येक व्यवसाय और नागरिक का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

नगर परिषद के एक अधिकारी ने बताया कि ये उपाय शहर में घरेलू जल आपूर्ति की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से जरूरी हैं। उनका कहना था कि यदि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान सक्रिय रूप से सहयोग करें तो जल संकट के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने अपील की कि सभी लोग संयम, सहयोग और संवेदनशीलता के साथ इस चुनौती का सामना करें। अंततः नगर परिषद ने यह स्पष्ट किया कि जैसे ही जल स्तर में सुधार होगा, ये अस्थायी उपाय समाप्त कर दिए जाएंगे और जल आपूर्ति पुनः सामान्य तरीके से बहाल की जाएगी। फिलहाल, शहर के सभी निवासियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपेक्षा की गई है कि वे नगर परिषद की दिशा-निर्देशों का पालन करें और पानी के संरक्षण में योगदान दें।

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