गुवाहाटी में ‘टीम यूरोप’ की दस्तक: पूर्वोत्तर भारत बनेगा ग्लोबल निवेश का नया हब

यूरोपीय संघ का हाई-लेवल प्रतिनिधिमंडल गुवाहाटी में निवेश, व्यापार और तकनीकी सहयोग की नई संभावनाओं पर करेगा मंथन, असम समेत पूरे पूर्वोत्तर को ग्लोबल आर्थिक मानचित्र पर उभारने की तैयारी
CM के साथ अहम बैठक में निवेश बढ़ाने पर जोर
यूरोपीय संघ का हाई-लेवल ‘टीम यूरोप’ प्रतिनिधिमंडल 8 जून को गुवाहाटी पहुंच रहा है।
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कभी भौगोलिक और रणनीतिक नजरिए तक सीमित रहा पूर्वोत्तर भारत अब तेजी से वैश्विक निवेश और औद्योगिक विकास के नक्शे पर उभर रहा है। इसी बदलती तस्वीर के बीच यूरोपीय संघ का हाई-लेवल ‘टीम यूरोप’ प्रतिनिधिमंडल 8 जून को गुवाहाटी पहुंच रहा है। इस दौरे को केवल एक औपचारिक कूटनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि असम और पूरे पूर्वोत्तर के लिए बड़े आर्थिक अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम सरकार के लिए यह दौरा खास मायने रखता है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यूरोपीय देशों का ध्यान पूर्वोत्तर भारत में निवेश, व्यापार और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा।

ग्रीन एनर्जी से सेमीकंडक्टर तक, कई क्षेत्रों में संभावना

8 और 9 जून को गुवाहाटी में होने वाले इस दौरे के दौरान यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल कई अहम बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लेगा। इस यात्रा का उद्देश्य असम समेत पूरे पूर्वोत्तर अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के साथ साझेदारी को मजबूत करना है।

चर्चा के केंद्र में ग्रीन एनर्जी, सतत शहरी विकास, हेल्थकेयर, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, कृषि-प्रसंस्करण और आयुष जैसे क्षेत्र रहेंगे। यह संकेत है कि सहयोग केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तकनीकी और औद्योगिक विकास को भी गति देगा।

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CM के साथ अहम बैठक, निवेश बढ़ाने पर जोर

यूरोपीय संघ के भारत और भूटान में राजदूत हर्वे डेल्फिन सहित कई देशों के राजदूत और वरिष्ठ अधिकारी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे। दौरे के दौरान ‘टीम यूरोप’ की मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के साथ द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है।

इस बैठक में असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र में विदेशी निवेश बढ़ाने, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने पर खास फोकस रहेगा। यह पहल भारत-ईयू के संयुक्त रणनीतिक एजेंडा का हिस्सा मानी जा रही है।

पूर्वोत्तर को ‘एशिया गेटवे’ के रूप में देख रहा यूरोप

यूरोपीय संघ अब पूर्वोत्तर भारत को सिर्फ एक क्षेत्रीय बाजार के रूप में नहीं, बल्कि एशिया से जुड़ने वाले रणनीतिक गेटवे के तौर पर देख रहा है। भौगोलिक स्थिति और कनेक्टिविटी के लिहाज से यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह साझेदारी मजबूत होती है, तो असम में रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और विदेशी निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही स्थानीय उद्योगों को भी वैश्विक बाजार तक पहुंचने का मौका मिलेगा।

व्यापार और निवेश पर विशेष जोर

इस दौरे के दौरान Federation of European Businesses in India के नेतृत्व में यूरोपीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी गुवाहाटी पहुंचेगा। यह टीम असम सरकार के अधिकारियों के साथ सीधे निवेश और व्यापार के अवसरों पर चर्चा करेगी।

यह दौरा संकेत देता है कि भारत का पूर्वोत्तर अब केवल सीमावर्ती क्षेत्र नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक गतिविधियों का उभरता केंद्र बन रहा है।

अगर प्रस्तावित साझेदारियां जमीन पर उतरती हैं, तो आने वाले वर्षों में असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जहां स्थानीय विकास और अंतरराष्ट्रीय निवेश साथ-साथ आगे बढ़ेंगे।

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