बकाया DA के भुगतान की मांग पर शिक्षकों ने की हड़ताल

शिक्षा भवन के सामने किया गया विरोध प्रदर्शन
बकाया DA के भुगतान की मांग पर शिक्षकों ने की हड़ताल
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मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी निर्देशों के बावजूद शिक्षकों के एक वर्ग ने शुक्रवार को हड़ताल की। विरोध प्रदर्शन सुबह शिक्षा भवन के सामने शुरू हुआ और दोपहर तक चला। शिक्षकों का कहना है कि हड़ताल को जबरदस्त समर्थन मिला। हड़ताल का प्रमुख मुद्दा बकाया महंगाई भत्ते (DA) का भुगतान था। शिक्षकों का आरोप है कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में DA से संबंधित एक संशोधन याचिका दायर की, जिसमें उन्हें और स्कूल कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया। उन्हें प्राप्त दस्तावेजों में केवल ग्रुप A, B, C और D श्रेणियों के वर्तमान कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सूची थी, जिससे शिक्षकों और कर्मचारियों की उपेक्षा दिखाई देती है।

बोर्ड और काउंसिल के निर्देश

बोर्ड और काउंसिल ने निर्देश जारी किए थे कि परीक्षा मूल्यांकन में शामिल शिक्षक 13 मार्च को ड्यूटी पर रहते हुए छुट्टी नहीं ले सकते। इसके बावजूद, कई मुख्य परीक्षक और परीक्षक हड़ताल में शामिल हुए। बंगाल शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी संघ के महासचिव स्वपन मंडल ने कहा कि कोई भी निर्देश हमें रोक नहीं सकता। निखिल बंगाल शिक्षक समिति के महासचिव सुजीत दास ने बताया कि हड़ताल का असर पूरे राज्य में पड़ा। हालांकि, शिक्षा भवन के अधिकारियों और कुछ स्कूल प्रधानाध्यापकों का दावा है कि शिक्षकों की उपस्थिति सामान्य रही। एक स्कूल प्रधानाध्यापक ने कहा कि हमारे स्कूल में केवल तीन शिक्षक अनुपस्थित थे, बाकी सभी उपस्थित थे। इस हड़ताल को अपना समर्थन देते हुए कलकत्ता यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (CUTA) के महासचिव सागरॉय घोष ने कहा कि हमने भी सरकारी उपेक्षा के विरोध में इस हड़ताल को अपना समर्थन दिया है। इस हड़ताल का असर कलकत्ता विश्वविद्यालय के भीतर भी पड़ा है।

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