तारिक रहमान बने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष तारिक रहमान को उनकी पार्टी के सांसदों ने संसदीय दल का नेता चुन लिया है और वह देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
Prime Minister of Bangladesh
प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेते तारिक रहमान।
Published on

ढाकाः तारिक रहमान ने मंगलवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। कुछ ही दिन पहले उन्होंने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को आम चुनावों में शानदार जीत दिलाई थी।राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने रहमान (60) को बंगभवन के बजाय जातीय संसद के ‘साउथ प्लाजा’ में पद की शपथ दिलाई और ऐसा परंपरा से हटकर किया गया।

रहमान की बीएनपी ने 297 में से 209 सीटें जीतीं, जबकि कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी ने 13वें संसदीय चुनावों में 68 सीटें हासिल कीं। अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया था।

कुछ घंटों पहले रहमान को उनकी पार्टी के सांसदों ने संसदीय दल का नेता चुना। उधर, सभी दलों के समस्त नव निर्वाचित सांसदों ने पद की शपथ ले ली है जिसके बाद संविधान सुधार परिषद को लेकर गतिरोध समाप्त हो गया है।

बांग्लादेश के चुनाव में विजयी हुई बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के सांसदों द्वारा ‘संविधान सुधार परिषद’ के सदस्य के रूप में शपथ लेने से इनकार करने के बाद दक्षिणपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के नव निर्वाचित संसद सदस्यों ने शुरू में शपथ लेने से मना कर दिया था। मुख्य निर्वाचन आयुक्त एएमएम नसीरुद्दीन ने संसद भवन (जातीय संसद भवन) में सबसे पहले बीएनपी सांसदों को पद की शपथ दिलाई। इसके बाद जमात के सांसदों ने शपथ ली।

जब बीएनपी ने जनमत-संग्रह का समर्थन करने के लिए ‘संविधान सुधार परिषद’ के सदस्यों के रूप में दूसरी शपथ लेने से इनकार कर दिया तो स्थिति जटिल हो गई थी। जमात के उपाध्यक्ष अब्दुल्ला मोहम्मद ताहिर ने कहा था, ‘‘जब तक बीएनपी के सांसद नियमित संसद सदस्यों के साथ ही ‘संविधान सुधार परिषद’ के सदस्यों के रूप में शपथ नहीं लेते, हम संसद सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण नहीं करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि संवैधानिक सुधारों के बिना संसद बेकार है।

‘संविधान सुधार परिषद’ को लेकर विवाद

‘संविधान सुधार परिषद’ के सदस्य के रूप में दूसरी शपथ तथाकथित ‘जुलाई चार्टर’ को लागू करने की प्रतिबद्धता से जुड़ी है, जिसमें संविधान में व्यापक संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। जनमत-संग्रह में 84 सूत्री जटिल प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन एक घंटे के बाद एक नाटकीय घटनाक्रम में जमात और नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के सदस्यों ने सांसदों और संविधान सुधार परिषद के सदस्यों, दोनों के रूप में शपथ ली। निर्वाचन आयोग के अनुसार, जनमत-संग्रह में 60 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने ‘हां’ में मतदान किया।

बीएनपी की नीति-निर्धारण स्थायी समिति के सदस्य और नवनिर्वाचित सांसद सलाहुद्दीन अहमद ने शपथ ग्रहण से पहले पार्टी सांसदों से कहा कि उन्हें संविधान सुधार परिषद के सदस्य के रूप में निर्वाचित नहीं किया गया है और अभी तक परिषद से संबंधित कोई प्रावधान संविधान में शामिल नहीं किया गया है। पार्टी अध्यक्ष तारिक रहमान की मौजूदगी में उन्होंने कहा, “हममें से कोई भी दूसरी शपथ नहीं लेगा।”

Prime Minister of Bangladesh
पीएम मोदी ने वैश्विक भलाई के लिए AI को बताया महत्वपूर्ण

बीएनपी सबसे बड़ी पार्टी

अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को चुनाव लड़ने से वंचित किए जाने के बाद हुए 13वें संसदीय चुनाव में बीएनपी ने 297 में से 209 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। दक्षिणपंथी जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीटें जीतीं। गत 12 फरवरी को हुए चुनाव के लिए अवामी लीग को अयोग्य घोषित कर दिया गया था। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन आज मंत्रिमंडल को शपथ दिलाएंगे। बांग्लादेश के संविधान के मुताबिक, राष्ट्रपति बहुमत प्राप्त दल के नेता तारिक रहमान को सरकार बनाने और मंत्रिमंडल की शपथ के लिए आमंत्रित करेंगे। रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश सचिव विक्रम मिसरी और लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह भी बिरला के साथ यात्रा कर सकते हैं।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in