ममता को शुभेंदु की खुली चुनौती, बोले- फिर चुनाव लड़िए, तीसरी बार भी हराऊंगा

शुभेंदु का आरोप : अपना राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए ममता अब कांग्रेस के चरणों में
ममता को शुभेंदु की खुली चुनौती, बोले- फिर चुनाव लड़िए, तीसरी बार भी हराऊंगा
Published on: 

सन्मार्ग संवाददाता

बारुईपुर : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को अपनी पूर्ववर्ती ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला और उन्हें फिर से चुनाव लड़ने की चुनौती देते हुए कहा कि राज्य में विपक्षी पार्टी अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता खो चुकी है तथा वह अपना अस्तित्व बचाने के लिए कांग्रेस व माकपा की ओर देख रही है। ममता का नाम लिए बिना शुभेंदु ने कहा कि कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस का गठन करने वाली पूर्व मुख्यमंत्री अब उसी पार्टी के ‘‘चरणों में झुककर’’ अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता तलाश रही हैं, जिसे उन्होंने कभी छोड़ दिया था।

मुख्यमंत्री ने दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आपको दिल्ली चले जाना चाहिए। पश्चिम बंगाल में अब आपके लिए कुछ नहीं बचा है। आप कोलकाता में रहने के बजाय अब दिल्ली जा रही हैं। आप वहां कांग्रेस और माकपा के साथ मिलकर अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश कर रही हैं। अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए, वह अब कांग्रेस के चरणों में झुक रही हैं।’’ चुनावी मुकाबले में तृणमूल प्रमुख को दो बार शिकस्त दे चुके शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल में ममता की राजनीतिक चुनौती का जिक्र करते हुए उन्हें एक बार फिर चुनाव मैदान में मुकाबला करने की चुनौती दी।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आपमें हिम्मत है, तो फिर से चुनाव लड़िए। मैंने आपको दो बार हराया है, और मैं ममता बनर्जी को एक बार फिर हराऊंगा।’’ शुभेंदु ने ममता बनर्जी के भतीजे एवं डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी को 2029 के लोकसभा चुनाव में उनके (शुभेंदु के) खिलाफ मैदान में उतरने की चुनौती दी। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अभिषेक, अगर आप चुनाव लड़ते हैं, तो मैं आपको हरा दूंगा। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि आपकी हार उतने मतों के अंतर से हो, जितने वोट से आप विजयी हुए थे... आपने बंगाल में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव नहीं होने दिए। अगर आपमें हिम्मत है, तो 2029 में चुनाव लड़िए।’’

मुख्यमंत्री ने दक्षिण 24 परगना में तृणमूल सांसद के प्रभाव को लेकर उन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद ने इस जिले को अपनी निजी जागीर की तरह इस्तेमाल किया और पंचायत चुनावों को स्वतंत्र रूप से नहीं होने दिया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘आपका भतीजा दक्षिण 24 परगना के किसी जमींदार की तरह बर्ताव करता था और उन्होंने पंचायत चुनाव नहीं होने दिए।’’ पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार और तृणमूल के बीच जारी राजनीतिक टकराव के बीच शुभेंदु की यह टिप्पणी आई है।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News