भाटपाड़ा की रिलायंस जूट मिल में 'सस्पेंशन ऑफ वर्क'

3500 श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट
'Suspension of work' at Reliance Jute Mill in Bhatpara
भाटपाड़ा की जूट मिल
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

भाटपाड़ा (उत्तर 24 परगना): उत्तर 24 परगना जिले के भाटपाड़ा स्थित रिलायंस जूट मिल में कथित तौर पर हुए असंतोष और हिंसा की घटना के बाद मिल प्रबंधन ने 'सस्पेंशन ऑफ वर्क' (कामबंदी) का नोटिस लगा दिया है। मिल अचानक बंद होने से यहां कार्यरत लगभग साढ़े 3 हजार श्रमिकों के सामने एक बार फिर से रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

प्रबंधन का आरोप: अधिकारियों पर हमला

मिल प्रबंधन के अधिकारी पीके पांडेय ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मिल में काम कर रहे कुछ श्रमिकों द्वारा लगातार कई दिनों से उत्पादन (प्रोडक्शन) नहीं दिया जा रहा था, जिसके कारण उन्हें चेतावनी दी गई थी। इसके जवाब में, उन श्रमिकों ने हंगामा शुरू कर दिया।

पांडेय ने आरोप लगाया कि "हंगामे के दौरान, कुछ श्रमिकों ने प्रबंधन के दो अधिकारियों पर हमला किया और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।" घायल अधिकारियों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रबंधन अधिकारी का स्पष्ट आरोप है कि कुछ लोगों के व्यक्तिगत तौर पर हिंसा करने और माहौल बिगाड़ने के कारण यह स्थिति पैदा हुई। स्थिति नियंत्रण से बाहर जाने और सुरक्षा कारणों से प्रबंधन को बाध्य होकर मिल गेट पर 'सस्पेंशन ऑफ वर्क' का नोटिस लगाना पड़ा।

यूनियन की प्रतिक्रिया

इस मामले पर दमदम-बैरकपुर जिला आईएनटीटीयूसी अध्यक्ष और स्थानीय विधायक सोमनाथ श्याम ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि "मिल सुचारू रूप से चल रही थी, और यहां की श्रमिक यूनियन भी पूरे सहयोग के साथ मिल को चालू रखने के पक्ष में है।" उन्होंने संदेह जताया कि "कुछ लोगों ने व्यक्तिगत कारणों से या किसी के उकसावे पर" ऐसी अराजकता पैदा की है। विधायक ने आश्वासन दिया कि स्थिति को सामान्य बनाने और मिल को जल्द से जल्द खुलवाने के लिए दोनों पक्षों (प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों) से बातचीत की जा रही है।

फिलहाल, कामबंदी के नोटिस के कारण हजारों श्रमिक परिवारों के सामने आय का संकट मंडरा रहा है। स्थानीय प्रशासन और श्रमिक यूनियन, दोनों ही मिल को जल्द से जल्द फिर से शुरू कराने के प्रयासों में जुटे हैं ताकि श्रमिकों की समस्या का समाधान हो सके।

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