Lucknow
सुप्रीम कोर्ट

यूपी पुलिस की जांच पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, मुआवजे का निर्देश

हत्या से जुड़े एक मामले में ‘लापरवाही भरी जांच’ को लेकर यूपी पुलिस के प्रति नाखुशी जाहिर की
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लखनऊ : सुप्रीम कोर्ट ने हत्या से जुड़े एक मामले में ‘लापरवाही भरी जांच’ को लेकर यूपी पुलिस के प्रति नाखुशी जाहिर की। शीर्ष अदालत ने यूपी सरकार को विचाराधीन कैदी के रूप में 6 साल जेल में बिताने वाले व्यक्ति को 6 लाख रुपये का ‘मुआवजा’ देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने ने संबंधित व्यक्ति को ‘व्यवस्था का शिकार’ बताते हुए कहा कि केवल अटकलों और कयासों के आधार पर गढ़ी गयी एक ‘मनगढ़ंत कहानी’ की वजह से उसके जीवन के 6 साल बर्बाद हो गये। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा, राज्य नागरिकों की सुरक्षा करने की अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता, खासकर तब जब किसी आपराधिक मामले में आरोपी व्यक्ति को तब तक निर्दोष माना जाता है, जब तक कि वह दोषी साबित न हो जाए। जांच और अभियोजन एजेंसियों का काम केवल किसी भी तरह से दोषसिद्धि करना नहीं है। पीठ ने कहा, इन एजेंसियों को खुद को न्याय प्रणाली का एक अहम हिस्सा मानना चाहिए, जिसका काम न केवल पीड़ित, शिकायतकर्ता और घायल व्यक्ति को न्याय दिलाना है, बल्कि आरोपी के साथ भी न्याय सुनिश्चित करना है। पीठ ने कहा, हम कई मामलों में न्याय का उपहास होते देखते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह इतना स्पष्ट और चौंकाने वाला होता है (जैसा कि इस मामले में है) कि उनमें आरोपी को मुआवजा दिया जाना चाहिए, क्योंकि वह खुद व्यवस्था का शिकार है। एजेंसियां

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