शिक्षक दिवस पर छात्रों ने दिए स्कूल में सुधार के सुझाव

छात्रों ने निबंधों में बताया, कैसा हो उनका आदर्श स्कूल
शिक्षक दिवस पर छात्रों ने दिए स्कूल में सुधार के सुझाव
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मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षा मंत्री की इच्छा के अनुसार आयोजित निबंध प्रतियोगिता में सरकारी स्कूलों के छात्रों ने अपने मन की बात खुलकर रखी। छात्रों ने अपने निबंधों में राजनीतिमुक्त और छात्र-हितैषी शिक्षण संस्थान बनाने की पुरजोर मांग की। इसके साथ ही उन्होंने स्कूलों में बेहतर पढ़ाई, खेलकूद और आधुनिक पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। छात्रों ने लिखा कि स्कूल का माहौल ऐसा होना चाहिए, जहां वे बिना किसी दबाव के पढ़ाई कर सकें। उनका मानना है कि शिक्षण संस्थानों को राजनीति के प्रभाव से दूर रखना जरूरी है। छात्रों की इस मांग को प्रतियोगिता का सबसे महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है।

बेहतर कक्षाओं और पढ़ाई के माहौल पर जोर

बंगीय शिक्षक व शिक्षाकर्मी समिति के महासचिव स्वपन मंडल ने छात्रों की इस भावना का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार छात्रों की बात को गंभीरता से लेते हुए स्कूलों को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखने की दिशा में कदम उठाएगी। निबंधों में छात्रों ने स्कूलों की मौजूदा व्यवस्था को लेकर भी कई सुझाव दिए। उन्होंने बेहतर कक्षाओं, पढ़ाई के अनुकूल माहौल, खेलकूद की सुविधाओं और आधुनिक पुस्तकालय की जरूरत बताई। छात्रों का कहना है कि केवल किताबों की पढ़ाई से उनका पूरा विकास नहीं हो सकता। खेल और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां भी जरूरी हैं। हायर सेकेंडरी स्तर पर पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी छात्रों ने कई सुझाव दिए। उनके विचारों से साफ है कि वे सुरक्षित, स्वतंत्र और बेहतर शैक्षणिक माहौल चाहते हैं।

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