राज्य स्तरीय विज्ञान प्रतियोगिता में छात्रों ने प्रदर्शित की उत्कृष्ट परियोजनाएं

राज्य स्तरीय विज्ञान प्रतियोगिता में छात्रों ने प्रदर्शित की उत्कृष्ट परियोजनाएं
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : श्री विजयपुरम विज्ञान केंद्र द्वारा कक्षा 6 से 11 तक के छात्रों के लिए आयोजित राज्य स्तरीय विज्ञान परियोजना प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में लगभग 30 चुने हुए विज्ञान मॉडल और परियोजनाएँ छात्रों द्वारा प्रदर्शित की गईं, जिनमें तकनीकी नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और विज्ञान के विविध आयामों को विषय बनाया गया।

प्रतियोगिता में चार प्रमुख प्रतिभागियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। शीर्ष पुरस्कार 5,000 रुपये के साथ दिया गया, जबकि अन्य पुरस्कार क्रमशः 3,000, 2,000 और 1,000 रुपये के नकद पुरस्कार थे। सरकारी मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सीतानगर के सुदीप्तो दास को उनकी परियोजना “स्वचालित दूध छलकाव रोकक” के लिए विजेता घोषित किया गया। इस परियोजना ने कृषि और डेयरी प्रबंधन में संभावित सुधार दिखाने के लिए विशेष ध्यान आकर्षित किया। सेंट जेवियर स्कूल, मनारघाट की पोलीमेरा लावण्या को “पृथ्वी के परे जीवन स्थायित्व” विषयक परियोजना के लिए प्रथम उपविजेता बनाया गया। उनकी परियोजना ने अंतरिक्ष विज्ञान और जीवन अनुकूलन के आधुनिक पहलुओं को उजागर किया। वहीं, विवेकानंद नगर पालिका विद्यालय, रांची टेकरी के के.आर. दयानिधि को उनकी परियोजना “कचरा पृथक्करण स्वचालन” के लिए द्वितीय उपविजेता चुना गया, जो पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन में नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास था। इसके अलावा, आर.जी.टी पब्लिक विद्यालय के धरनी धरन को उनकी परियोजना “स्मार्ट सिंचाई प्रणाली” हेतु सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। इस प्रणाली ने कृषि में जल प्रबंधन और स्मार्ट तकनीकों के उपयोग के क्षेत्र में छात्रों के नवीन दृष्टिकोण को उजागर किया।

प्रतियोगिता के दौरान बड़ी संख्या में दर्शक, शिक्षक और छात्र शामिल हुए, जिन्होंने छात्र-प्रतिभागियों के नवाचारी विज्ञान मॉडल और परियोजनाओं का उत्साहपूर्वक अवलोकन किया। कार्यक्रम का समन्वय विज्ञान केंद्र के शिक्षा अधिकारी देबाशीष पॉल ने किया। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन छात्रों में वैज्ञानिक सोच और अनुसंधान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। देबाशीष पॉल ने यह भी कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएँ छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपने भविष्य निर्माण हेतु प्रेरित करती हैं और उन्हें नवाचार तथा समाधान आधारित दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की मेहनत की सराहना की और कहा कि भविष्य में ऐसे और भी आयोजन छात्रों को विज्ञान के प्रति उत्साहित करेंगे।

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