

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : अंतरराष्ट्रीय रेल उपकरण प्रदर्शनी (International Railway Equipment Exhibition – IREE) का 16वां संस्करण 15 से 17 अक्टूबर 2025 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया गया। IREE विश्व का दूसरा सबसे बड़ा रेलवे मोबिलिटी शो है, जो वैश्विक रेलवे उद्योग में नवाचार, साझेदारी और व्यापार के लिए एक प्रमुख मंच प्रदान करता है।
इस वर्ष 50 से अधिक जर्मन कंपनियों ने इंडो-जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स (IGCC) के सहयोग से आयोजित जर्मन ग्रुप भागीदारी, जर्मन पैविलियन, और स्वतंत्र प्रदर्शकों के माध्यम से भाग लिया। इन कंपनियों ने जर्मन तकनीक की उत्कृष्ट झलक पेश की और भारतीय रेलवे क्षेत्र में नए व्यावसायिक संबंधों को प्रोत्साहित किया।
जर्मन पैविलियन का उद्घाटन जर्मनी के राजदूत डॉ. फिलिप ऐकमैन (H.E. Dr. Philipp Ackermann) ने किया। उन्होंने प्रदर्शनी में भाग लेने वाली कंपनियों से संवाद किया। एक विशेष नेटवर्किंग सत्र में जर्मन दूतावास, VDB (जर्मन रेलवे इंडस्ट्री एसोसिएशन), भारतीय रेल, IGCC, और अन्य वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिससे आपसी सहयोग के नए अवसर सृजित हुए।
भागीदारी :
इस बार 50 से अधिक जर्मन कंपनियों ने भाग लिया — इनमें इंडो-जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स (IGCC), जर्मन पैविलियन और स्वतंत्र प्रदर्शक शामिल थे।
मुख्य अतिथि :
जर्मन राजदूत डॉ. फिलिप ऐकमैन ने जर्मन पैविलियन का उद्घाटन किया और प्रदर्शनी में भाग लेने वाली कंपनियों से मुलाकात की।
साझेदारी और संवाद :
कार्यक्रम में जर्मन दूतावास, VDB (German Railway Industry Association), भारतीय रेल, IGCC और अन्य उद्योग प्रतिनिधियों के बीच नेटवर्किंग सत्र आयोजित हुआ।
राउंडटेबल चर्चा :
शिवानी चतुर्वेदी (IGCC) ने GIZ India, KfW, Deutsche Bahn और CII के साथ आयोजित “Indo-German Industry Roundtable on Urban Rail” में भाग लिया, जिसमें शहरी रेल, तकनीकी सहयोग और सतत विकास पर चर्चा हुई।
मुख्य उद्देश्य :
भारत और जर्मनी के बीच रेलवे क्षेत्र में तकनीकी नवाचार, सतत अवसंरचना और भविष्य की परिवहन जरूरतों को लेकर सहयोग को मजबूत करना।
महत्त्व :
यह सहयोग भारत के रेलवे आधुनिकीकरण और हरित गतिशीलता के लक्ष्य को गति देने वाला साबित होगा।