तूफान, ओलावृष्टि, नैनीताल में 24-36 घंटे तक बिजली गुल

80,000 लोग प्रभावित
तूफान, ओलावृष्टि, नैनीताल में 24-36 घंटे तक बिजली गुल
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सर्जना शर्मा

नैनीताल : नैनीताल में रविवार को तूफान और भीषण ओलावृष्टि के दौरान जमीन से उखड़े पेड़ों और उनकी टूटी टहनियों की चपेट में आकर बिजली की कई तारें नीचे आ गयीं जिससे शहर के एक बड़े हिस्से में 24 से 36 घंटे तक बिजली गुल रही। बिजली गुल होने से पूरे क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, जिससे निवासियों, पर्यटन पर निर्भर व्यवसायों और यहां तक कि अदालती कार्यवाही भी प्रभावित हुई। पद्मपुरी, ओखलकांडा, सूखाताल और पाइंस सहित नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों की करीब 80,000 की जनसंख्या इससे सर्वाधिक प्रभावित हुई।

अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड पॉवर कारपोरेशन (यूपीसीएल) को इतने बड़े पैमाने पर हुई तबाही से अनुमानित 50-60 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि यूपीसीएल की टीम चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करते हुए बिजली बहाल करने के लिए लगातार काम में जुटी हैं।

हालांकि, यूपीसीएल के कुमाऊं जोन के मुख्य अभियंता राजेंद्र गुंजयाल ने कहा कि ‘‘बिजली बहाल करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है जबकि तूफान से हुए अन्य नुकसानों का विस्तृत आकलन बाद में किया जाएगा।’ बिजली गुल होने से स्थानीय व्यवसायियों विशेषकर पर्यटन पर निर्भर व्यवसायियों की मुश्किलें और बढ़ गईं, जो पहले से ही एलपीजी की कमी से जूझ रहे थे।

कई व्यवसायियों को इस दौरान अपना कामकाज बंद करना पड़ा जिससे उन्हें अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि, मंगलवार सुबह शहर में बिजली आपूर्ति बहाल हो गयी जिससे लोगों ने राहत की सांस ली और जीवन धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौटने लगा।

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