राज्य सरकार ने डीवीसी को भेजा 'चौथा' विरोध पत्र

बिना पूर्व योजना के जल छोड़े जाने पर जतायी नाराजगी
CM Mamata Banerjee
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कोलकाता: लगातार बारिश के बीच डैम से बिना पूर्व योजना के जल छोड़े जाने को लेकर एक बार फिर नवान्न ने दमोदार वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) पर नाराजगी जतायी है। पता चला है कि डीवीसी पिछले 24 घंटों में 49,000 क्यूसेक पानी छोड़ चुका है। इस बार फिर 55,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। अगले तीन-चार दिनों तक झारखंड और बिहार में भारी बारिश का अनुमान है। ऐसी स्थिति में, नवान्न को डर है कि यदि डीवीसी बिना योजना के पानी छोड़ना जारी रखता है, तो बांकुड़ा और हुगली के कई इलाकों में बाढ़ की नयी स्थिति पैदा हो सकती है। अतः इस विषय के मद्देनजर विरोध पत्र भेजा गया। नवान्न सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार की ओर से सिंचाई विभाग के वेस्ट डिविजन के मुख्य अभियंता ने डीवीआरआरसी के सदस्य सचिव संजीव कुमार को विरोध पत्र भेजा है।

राज्य के कई निचले जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी है

राज्य सरकार का कहना है कि भारी बारिश की वजह से दमोदार नदी और अन्य नदियों का जलस्तर पहले से ही काफी बढ़ा हुआ है। इसके बीच यदि बिना किसी ठोस योजना के जल छोड़ा गया, तो राज्य के कई निचले जिलों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है। नवान्न सूत्रों के अनुसार, अब तक इस मानसून सीजन में राज्य सरकार ने डीवीसी को चार बार विरोध पत्र भेजा है। सरकार ने अपने पत्र में कहा है कि जल छोड़ने से पहले डीवीसी को राज्य सरकार के साथ समन्वय करना चाहिए और एक स्पष्ट योजना के तहत कदम उठाना चाहिए, ताकि संभावित आपदा को रोका जा सके। राज्य सरकार ने डीवीसी से आग्रह किया है कि वह जल छोड़ने से पहले समुचित पूर्व योजना बनाए और राज्य को अग्रिम रूप से सूचित करे। नवान्न का मानना है कि बिना पूर्व योजना के जल छोड़ना पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को संकट में डाल सकता है। सूत्रों के अनुसार, चालू मानसून सीजन के दौरान अब तक राज्य ने डीवीसी को चार विरोध पत्र भेजे हैं।

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