

मुख्य बातें
पूछे सवाल, क्या किसी बांग्लादेशी का प्रमाण पत्र बनाने का कसूर किया ?
किस बात की सजा दी गयी, पता ही नहीं
क्या आयोग इस तरह से कर्मचारी को सीधे तौर पर दंडित कर सकता है?
सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : ईसीआई ने बंगाल के 7 अधिकारियों को राज्य में चल रहे SIR से संबंधित गंभीर कदाचार के आरोप में निलंबित कर दिया है। ये सभी 7 अधिकारी राज्य सरकार के कर्मचारी हैं। इस निलंबन पर पश्चिम बंग राज्य सरकारी कर्मचारी फेडरेशन ने तीव्र विरोध जताया है और कहा है कि जरुरत पड़े तो ईसीआई तक जायेंगे। मंत्री डॉ मानस रंजन भुइयां जो कि सरकारी कर्मचारी फेडरेशन के चेयरमैन भी हैं, उन्होंने चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल उठाया है। मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में मंत्री ने कहा कि किन कारणों से और कितने समय के लिए इन सरकारी कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है उसका उल्लेख नहीं है। वे पूरी तरह से अंधेरे में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्हें (भाजपा और उनसे सहयोगी) कई तरह के हथकंडे से कोई लाभ नहीं मिल रहा है तो अब सरकारी कर्मचारियों को निलंबन करके उन्हें भयभीत दिखाने की कोशिश की जा रही है, मगर इन सभी से भी कोई लाभ नहीं होगा। हमलोग स्पष्ट रूप से चुनाव आयोग के इस फैसले पर प्रतिवाद व्यक्त करते हैं।
ऐसे कैसे सीधे निलंबन ?
प्रेस कांफ्रेंस में उपस्थित पश्चिम बंग राज्य सरकारी कर्मचारी फेडरेशन कंवेनर प्रताप नायक ने कहा कि हमलोग निलंबित अधिकारियों के साथ खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कर्मचारियों को अपनी बात रखने का भी मौका नहीं दिया गया। उनकी क्या गलती थी क्या उनके द्वारा किसी बांग्लादेशी काे नागरिकता दे दी गयी ? क्या आयोग इस तरह से कर्मचारी को सीधे तौर पर दंडित कर सकता है? उन्होंने कहा कि शो कॉज या कारण बताओं नोटिस भी नहीं देकर सीधे निलंबित कैसे कर दिया।
कहां से हुए निलंबित
मुर्शिदाबाद जिले से 3
दक्षिण 24 परगना से 2
पश्चिम मेदिनीपुर और जलपाईगुड़ी से एक - एक अधिकारी हैं।
ECI ने क्या कार्रवाई की है ?
भारत निर्वाचन आयोग ने कई विधानसभा क्षेत्रों में तैनात AERO को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। उन पर आरोप है कि ड्यूटि में लापरवाही तथा कानूनी शक्तियों के दुरुपयोग किया गया। उनके खिलाफ तुरंत विभागीय कार्रवाई शुरू करने का राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है।