

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी) के नाम पर शिक्षकों से मनचाही जगह ट्रांसफर कराने के नाम पर पैसे ऐंठे जाने का बड़ा मामला सामने आया है। कमीशन ने इस संबंध में एक आधिकारिक सर्कुलर जारी कर फाइनेंशियल फ्रॉड के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी है। सर्कुलर के अनुसार, कुछ अनजान और ठग किस्म के लोग खुद को आयोग के अधिकारियों का करीबी बताकर शिक्षकों से संपर्क कर रहे हैं। वे यह दावा कर रहे हैं कि कमीशन के ''बिग बॉस'' से उनकी अच्छी जान-पहचान है और पैसे देने पर वे किसी को भी अच्छे और मनपसंद स्कूल में ट्रांसफर करवा सकते हैं। आशंका जताई जा रही है कि कुछ शिक्षक इस शातिर जालसाजी का शिकार होकर पैसे भी दे चुके हैं।
कमीशन की सफाई और ट्रांसफर प्रक्रिया पर बड़ा खुलासा
इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कमीशन ने स्पष्ट किया है कि आयोग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इस तरह की अवैध गतिविधियों में बिल्कुल शामिल नहीं है। वर्तमान में कोई सामान्य ट्रांसफर प्रक्रिया नहीं चल रही है, और जो कुछ भी हो रहा है वह पूरी तरह से माननीय अदालत के आदेश पर ही आधारित है। अधिकारी ने समझाया कि यदि कोर्ट से ट्रांसफर का आदेश मिल भी जाता है, तो कमीशन खुद नियमों के तहत बेहतर जगह और स्कूल की सिफारिश करता है। ठग इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर शिक्षकों को अपने जाल में फंसाते हैं।
कमीशन ने सभी शिक्षकों को निर्देश दिया है कि यदि उनके साथ ऐसी कोई घटना होती है, तो वे तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। इस गंभीर मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए बंगाली टीचर्स एंड एजुकेशन वर्कर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी स्वपन मंडल ने कहा कि वे लंबे समय से ट्रांसफर में हो रहे भ्रष्टाचार की शिकायतें सुन रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यह चर्चा आम है कि यदि कोई बिचौलियों से बातचीत कर ले तो ट्रांसफर जल्दी हो जाता है, अन्यथा शिक्षकों को महीनों और सालों तक दफ्तरों के चक्कर काटते हुए भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।