अंडमान पुलिस में स्पेशल ग्रेड रैंक की शुरुआत

=सेवा और अनुभव को मिली नयी पहचान
अंडमान पुलिस में स्पेशल ग्रेड रैंक की शुरुआत
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम :  अंडमान और निकोबार पुलिस ने कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल संवर्ग के लिए स्पेशल ग्रेड पदनाम लागू करने की घोषणा की है। यह कदम पुलिस बल के भीतर अनुभव, योग्यता और दीर्घकालिक समर्पित सेवा को मान्यता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

नए निर्णय के तहत 15 वर्ष की सेवा पूरी करने और प्रथम एमएसीपी (Modified Assured Career Progression) पूर्ण करने वाले पात्र कांस्टेबलों को हेड कांस्टेबल (स्पेशल ग्रेड) का पदनाम प्रदान किया जाएगा। वहीं 25 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले पात्र हेड कांस्टेबलों, जिनमें हेड कांस्टेबल के रूप में कम से कम पांच वर्ष की सेवा, प्रथम एवं द्वितीय एमएसीपी की प्राप्ति और सतर्कता स्वीकृति शामिल है, उन्हें सहायक उप निरीक्षक (स्पेशल ग्रेड) के रूप में उन्नत किया जाएगा।

यह उपलब्धि वर्ष 2018 के बाद सात वर्षों के अंतराल में संभव हो सकी है और इसे पुलिस नेतृत्व के निरंतर प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। निर्णय से न केवल कर्मियों के मनोबल और प्रेरणा में वृद्धि होगी, बल्कि यह पुलिस सेवा में स्थायित्व और पेशेवर पहचान को भी मजबूत करेगा।

इस अवसर पर 29 जनवरी 2026 को पुलिस मुख्यालय में एक पाइपिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक हरगोबिंदर सिंह ढालीवाल ने की। समारोह के दौरान कुल पांच पुलिसकर्मियों को स्पेशल ग्रेड रैंक प्रदान की गई। इसमें दो हेड कांस्टेबलों को सहायक उप निरीक्षक (स्पेशल ग्रेड) और तीन कांस्टेबलों, जिनमें दो महिला कांस्टेबल शामिल हैं, को हेड कांस्टेबल (स्पेशल ग्रेड) का पदनाम दिया गया।

अंडमान एवं निकोबार पुलिस परिवार ने इस अवसर पर उपराज्यपाल एडमिरल डी.के. जोशी (सेवानिवृत्त), मुख्य सचिव डॉ. चंद्र भूषण कुमार और पुलिस महानिदेशक हरगोबिंदर सिंह ढालीवाल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने पुलिस बल के कल्याण, मनोबल और पेशेवर विकास के प्रति उनके सतत सहयोग की सराहना की।

पुलिस विभाग ने इस पहल को अनुभव और सेवा को मान्यता देने वाली ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। अधिकारियों ने कहा कि स्पेशल ग्रेड रैंक की शुरुआत न केवल कर्मियों को उनके समर्पण के लिए सम्मानित करेगी, बल्कि नई पीढ़ी के पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

इस निर्णय से अंडमान एवं निकोबार पुलिस का मनोबल और पेशेवर प्रतिष्ठा बढ़ेगी और बल के भीतर दीर्घकालिक सेवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।

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