

दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने कहा है कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की किशोर बेटी को अब उनका उत्तराधिकारी मानना उचित होगा। यह आकलन दक्षिण कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (एनआईएस) ने संसद में बंद कमरे में हुई बैठक के दौरान दिया।
रिपोर्ट के अनुसार करीब 13 साल की किम जू-ए को 2022 के अंत से लगातार बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में किम जोंग उन के साथ देखा जा रहा है। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने भी उन्हें किम की “सबसे प्रिय” और “सम्मानित” संतान बताया है, जिससे उनके भविष्य के नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
एनआईएस के निदेशक ली जोंग-सोक ने सांसदों को बताया कि विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर यह आकलन किया गया है। इससे पहले 2024 में एजेंसी ने उन्हें संभावित उत्तराधिकारी बताया था और फरवरी में कहा था कि वह भविष्य की नेता घोषित होने के करीब हैं, जबकि अब कहा जा रहा है कि उन्हें उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा सकता है।
बैठक में किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग की भूमिका पर भी चर्चा हुई, जिसमें बताया गया कि उनके पास फिलहाल कोई खास राजनीतिक शक्ति नहीं है। एजेंसी का मानना है कि किम जू-ए की सैन्य कार्यक्रमों में भागीदारी और सार्वजनिक उपस्थिति उनके नेतृत्व की छवि बनाने के लिए की जा रही है और महिला उत्तराधिकारी को लेकर संदेह दूर करने की कोशिश हो रही है।
हालांकि कुछ विशेषज्ञ इस आकलन से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि उत्तर कोरिया की पुरुष प्रधान राजनीतिक व्यवस्था में महिला नेता को स्वीकार करना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा किम जोंग उन अभी 42 वर्ष के हैं और इस समय उत्तराधिकारी घोषित करना उनके सत्ता नियंत्रण को कमजोर कर सकता है।
उत्तर कोरिया में 1948 से किम परिवार का ही शासन रहा है। किम जोंग उन ने 2011 में अपने पिता किम जोंग इल की मृत्यु के बाद सत्ता संभाली थी, जबकि उनसे पहले देश के संस्थापक किम इल सुंग ने नेतृत्व किया था। अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या उत्तर कोरिया में चौथी पीढ़ी के नेतृत्व की तैयारी हो रही है।