

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सिस्टर निवेदिता यूनिवर्सिटी (एसएनयू) ने बुधवार को आइसलैंड के भारत, नेपाल और श्रीलंका में राजदूत महामहिम बेनेडिक्ट होस्कुल्डसन का अपने परिसर में स्वागत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के मानद कुलाधिपति सत्यम रॉयचौधरी, मानद कुलपति डॉ. अनुपम बसु, मानद प्रो-चांसलर प्रो. (डॉ.) ध्रुवज्योति चट्टोपाध्याय, वरिष्ठ अधिकारी, फैकल्टी सदस्य और छात्र उपस्थित रहे।
वैश्विक साझेदारी और शिक्षा पर जोर
यात्रा के दौरान राजदूत बेनेडिक्ट होस्कुल्डसन ने विश्वविद्यालय समुदाय के साथ संवाद किया तथा एसएनयू की शैक्षणिक, अनुसंधान, नवाचार और अंतरराष्ट्रीयकरण संबंधी पहलों की जानकारी ली। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा वैश्विक साझेदारी, अंतर्विषयक शिक्षा और सामाजिक रूप से उपयोगी शोध को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।
जलवायु परिवर्तन पर युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण
पूर्व में जलवायु के लिए विशेष दूत रह चुके होस्कुल्डसन ने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सतत विकास को बढ़ावा देने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में युवाओं एवं छात्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। विश्व पर्यावरण दिवस से ठीक पहले हुई यह यात्रा पर्यावरणीय जागरूकता और स्थिरता संबंधी पहलों को नई गति देने वाली साबित हुई।
सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा
बैठक के दौरान दूतावास और विश्वविद्यालय के बीच संभावित सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा हुई। बातचीत निवेदिता सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एनवायर्नमेंटल सस्टेनेबिलिटी (एनसीईईएस), स्कूल फॉर लाइफलांग लर्निंग (एसएलएल), इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) तथा अन्य अनुसंधान केंद्रों की गतिविधियों पर केंद्रित रही। उच्च शिक्षा, छात्र एवं संकाय आदान-प्रदान, अनुसंधान सहयोग, नवाचार, नवीकरणीय ऊर्जा, स्थिरता अध्ययन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।
कुलाधिपति ने जताई उम्मीद
कुलाधिपति सत्यम रॉयचौधरी ने विश्वविद्यालय की वैश्विक शैक्षणिक साझेदारी और नवाचार आधारित शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए आशा व्यक्त की कि यह यात्रा भारत और आइसलैंड के बीच शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगी। वहीं राजदूत होस्कुल्डसन ने आइसलैंड की उच्च शिक्षा प्रणाली, तकनीकी प्रगति और स्थिरता पहलों की जानकारी साझा की।
छात्रों के साथ संवाद
राजदूत ने छात्रों के साथ एक इंटरैक्टिव सत्र में भाग लिया, जिसमें उन्होंने कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंधों, नवाचार, पर्यावरणीय स्थिरता और वैश्विक विकास से जुड़े प्रश्नों के उत्तर दिए। कार्यक्रम का समापन स्मृति-चिह्नों के आदान-प्रदान और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह यात्रा एसएनयू और आइसलैंड के संस्थानों के बीच शैक्षणिक, अनुसंधान एवं सांस्कृतिक सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।