सांप-सीढ़ी के जरिये बेहला 29 पल्ली में दिखेगा मोक्ष का मार्ग

पंडाल में जीवन, कर्म और मोक्ष को दर्शाता 'सांप और सीढ़ी' का खेल
सांप-सीढ़ी के जरिये बेहला 29 पल्ली में दिखेगा मोक्ष का मार्ग
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मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता :  इस वर्ष बेहला 29 पल्ली पूजा का पंडाल ‘मोक्षपट’ थीम पर आधारित है, जो सांप-सीढ़ी के रूप में प्रसिद्ध एक प्राचीन भारतीय खेल से प्रेरित है। यह खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन, कर्म और मोक्ष के गहरे दार्शनिक विचारों को दर्शाता है। पंडाल में इंस्टालेशन आर्ट के ज़रिए जीवन के उतार-चढ़ाव, अच्छे-बुरे कर्मों और उनके प्रभाव को प्रतीकात्मक रूप में दिखाया गया है। सीढ़ियाँ पुण्य और उन्नति का प्रतीक हैं, जबकि सांप बुरे कर्मों और पतन को दर्शाते हैं। इस अनूठे थीम को रचनात्मक रूप देने का कार्य थीम आर्टिस्ट अमित विश्वास ने किया है। पंडाल को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि दर्शक स्वयं को जीवन के सफर में एक खिलाड़ी के रूप में अनुभव करें, जहाँ हर निर्णय और कर्म मोक्ष की ओर या उससे दूर ले जा सकता है। यह पूजा कला और दर्शन का सुंदर संगम है।

बेहला 29 पल्ली पूजा में दिखेगा ‘मोक्षपट’ का इंस्टालेशन आर्ट

इस वर्ष बेहला 29 पल्ली पूजा के पंडाल का थीम ‘मोक्षपट’ पर आधारित है, जो प्राचीन भारत के सांस्कृतिक, धार्मिक और दार्शनिक मूल्यों को दर्शाता है। यह वही खेल है जिसे आज ‘सांप और सीढ़ी’ के नाम से जाना जाता है। पंडाल में इंस्टालेशन आर्ट के माध्यम से जीवन के उतार-चढ़ाव, कर्मों के प्रभाव और मोक्ष की अवधारणा को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है। थीम आर्टिस्ट अमित विश्वास हैं।

क्लब के सेक्रेटरी ने कहा :

क्लब के सेक्रेटरी सौरभ घोष ने बताया कि पंडाल का बजट 4 लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि पूजा समिति हर साल कम बजट में कुछ बेहतरीन करने की कोशिश करती है। इस साल समिति अपनी पूजा का 23वां वर्ष मना रही है। मां दुर्गा की प्रतिमा इस बार 12 फीट ऊंची बनाई गई है।

पंडाल तक कैसे पहुंचें?

बेहला 29 पल्ली पूजा के पंडाल में आप जाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको बेहला ट्राम डिपो जाना होगा। पास में ही बस और ऑटो की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं जिससे आप आसानी से पंडाल तक पहुंच सकते हैं।

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