SRFTI हिंसा की जांच के लिए SIT गठित

नवन्ना द्वारा स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन
SRFTI हिंसा की जांच के लिए SIT गठित
Published on: 

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट (SRFTI) परिसर में हुई हिंसा की गंभीर घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले की तह तक जाने के लिए राज्य के गृह विभाग ने एक छह सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है। इस विशेष जांच दल की अगुवाई कोलकाता पुलिस के इंटेलिजेंस चीफ कुणाल अग्रवाल करेंगे। इसके अलावा, टीम में डीसी डिटेक्टिव डिपार्टमेंट स्पर्श निलंगी, सीआईडी के डीएसपी कौशिक घोष और कोलकाता पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर यह टीम राज्य या कोलकाता पुलिस से अतिरिक्त बल की मांग भी कर सकती है।

कैंपस संघर्ष की पृष्ठभूमि और मुख्य विवाद

यह पूरा विवाद पिछले रविवार को SRFTI ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी संस्था 'अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत' की एक बैठक आयोजित होने के बाद भड़का था। संस्था का दावा था कि यह आयोजन पूरी अनुमति के साथ हो रहा था, जबकि छात्रों के एक बड़े गुट ने कैंपस में बाहरी लोगों के प्रवेश पर कड़ी आपत्ति जताई। विरोध प्रदर्शन और स्पष्टीकरण मांगने की यह प्रक्रिया देखते ही देखते आपसी झड़प और मारपीट में बदल गई। इस हिंसक घटना के सिलसिले में पंचसयार पुलिस स्टेशन में कुल तीन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिसके आधार पर अब एसआईटी अपनी आधिकारिक कानूनी और तथ्यात्मक जांच को आगे बढ़ा रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और रिपोर्ट की समयसीमा

इस संवेदनशील घटना पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है, जहां राज्य के मंत्रियों ने शिक्षण संस्थानों में हिंसा और कथित तौर पर स्वामी विवेकानंद की तस्वीर को अपमानित किए जाने की कड़ी निंदा की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और इस प्रकार की संस्कृति को पूरी तरह बदला जाएगा। तेजी से कार्रवाई करते हुए नबन्ना ने इस छह सदस्यीय एसआईटी को निर्देश दिया है कि वह अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट गुरुवार, 1 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से राज्य सरकार को सौंपे, ताकि आगे की उचित कार्रवाई की जा सके।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in