

इंद्राणी, सन्मार्ग संवाददाता
नयी दिल्ली : बंगाल में जारी एसआईआर प्रक्रिया से जुड़ी कथित मौतों को लेकर तृणमूल कांग्रेस दिल्ली में बड़े आंदोलन की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कोलकाता से करीब 150 ऐसे परिवारों के सदस्यों को दिल्ली लाया जा रहा है, जिन्होंने एसआईआर से जुड़े भय और मानसिक तनाव के कारण अपने परिजनों को खोया है। इनमें से कई लोग पहले ही राजधानी पहुंच चुके हैं। बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम तय किया गया है। पूर्व निर्धारित योजना के मुताबिक 30 जनवरी को जंतर-मंतर पर प्रभावित परिवार धरना देंगे। इसके अलावा चुनाव आयोग के कार्यालय के सामने प्रदर्शन का भी कार्यक्रम है। तृणमूल कांग्रेस इन परिवारों को लेकर राष्ट्रपति से मिलने की संभावना भी टटोल रही है। पार्टी का आरोप है कि एसआईआर के नाम पर नागरिकता छीनने, डिटेंशन कैंप और देश से बाहर भेजे जाने का भय फैलाया गया, जिससे आम लोग मानसिक रूप से टूट गए और कई मौतें हुईं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुरू से ही एसआईआर के खिलाफ मुखर रही हैं। उनका आरोप है कि यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है और इसके जरिए आम जनता में डर का माहौल बनाया गया है।
जलपाईगुड़ी की जगन्नाथ कॉलोनी के निवासी ठाकुरदास राय दिल्ली पहुंचे हैं। उनके पिता, 60 वर्षीय राजमिस्त्री नरेंद्रनाथ राय ने कथित तौर पर एसआईआर के डर से आत्महत्या कर ली। परिवार के अनुसार, वे मुख्य कमाऊ सदस्य थे और उनकी मृत्यु के बाद परिवार गंभीर आर्थिक संकट में है। इसी तरह जलपाईगुड़ी के सातकुरा क्षेत्र के टोटो चालक कमला राय (52) के परिजनों का आरोप है कि एसआईआर फॉर्म मिलने के अगले दिन ही उन्होंने आत्महत्या कर ली। वहीं, जलपाईगुड़ी के अनारुल हक के परिवार का कहना है कि एसआईआर के भय के कारण परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य की हार्ट अटैक से मौत हो गई। दलीय सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 2 फरवरी को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करेंगी। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि इस बैठक में एसआईआर पर राज्य की आपत्तियां और पीड़ित परिवारों के अनुभव रखे जाएंगे तथा उनके भविष्य की जिम्मेदारी लेने की मांग की जाएगी।