SIR : ठाकुरबाड़ी में तेज हुआ मतुआ आंदोलन, सांसद बैठीं अनशन पर

अनशन का आठवां दिन हुआ पूरा
SIR: Matua agitation intensifies in Thakurbari, MP goes on hunger strike
अनशन पर बैठीं राज्यसभा सांसद ममताबाला ठाकुर
Published on

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बनगांव: 'स्टेट इनहैबिटेंट रजिस्टर' (SIR) के विरोध और मतुआ समुदाय के लिए बिना शर्त नागरिकता की मांग को लेकर ठाकुरनगर ठाकुरबाड़ी में चल रहा आंदोलन बुधवार को आठवें दिन में प्रवेश करते हुए और तेज हो गया है। इस आंदोलन को एक बड़ी मजबूती मिली है, क्योंकि मतुआ महासंघ की सभाधिपति और राज्यसभा सांसद ममता बाला ठाकुर भी बुधवार को अनशन मंच में शामिल हो गईं। उनके साथ दो अन्य समर्थकों ने भी आमरण अनशन शुरू कर दिया है।

ममता बाला ठाकुर ने अनशन पर बैठने से पहले अपनी आस्था और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया। वह हरिचांद ठाकुर मंदिर गईं और उसके बाद अपने दिवंगत पति कपिल कृष्ण ठाकुर और मतुआ समाज की पूज्य वीणापाणि ठाकुर ('बड़ो माँ') की समाधि स्थल पर जाकर उन्हें प्रणाम किया। इसके बाद वह सीधे अनशन मंच पर पहुंचीं।

मंच पर पहुंचने के बाद उन्होंने मीडिया और समर्थकों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि उनका यह अनशन एक निर्णायक लड़ाई है। उन्होंने कहा कि "जब तक मतुआ समुदाय को बिना किसी शर्त के नागरिकता देने की हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह अनशन जारी रहेगा।"

SIR: Matua agitation intensifies in Thakurbari, MP goes on hunger strike
ठाकुरबाड़ी में आंदोलनकारियों के साथ क्षोभ जतातीं ममताबाला ठाकुर

कहा-मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा अनशन

सांसद ने यह भी घोषणा की कि जब तक वह अनशन पर हैं, तब तक उनके सभी राजनीतिक कार्यक्रम स्थगित रहेंगे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह इस मुद्दे को कितना गंभीर मानती हैं।

यह आंदोलन 5 नवंबर को शुरू हुआ था, और तब से अनशन कर रहे कई लोगों की सेहत बिगड़ चुकी है। डॉक्टर नियमित रूप से अनशनकारियों के स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं। सांसद ममता बाला ठाकुर के अनशन में शामिल होने से आंदोलनकारियों में एक नया उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ है, जिन्होंने कहा कि इससे उनका आंदोलन और अधिक प्रभावी हो गया है।

गौरतलब है कि यह अनशन तब शुरू हुआ जब SIR की प्रक्रिया को लेकर मतुआ समुदाय के बीच नागरिकता खोने का भय फैल गया। इस मामले में पहले से ही राजनीतिक विवाद चल रहा है, जहां केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने अनशनकारियों को 'बांग्लादेशी मुसलमान' और 'रोहिंग्या' कहकर विवाद खड़ा किया था। इसके तीखे जवाब में ममता बाला ठाकुर ने सोमवार को खुद अनशन पर बैठने की घोषणा की थी, जिसे उन्होंने बुधवार को पूरा किया। सांसद का यह कदम मतुआ राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in