SIR सुनवाई में AERO को धमकी, CEO कार्यालय ने मांगी रिपोर्ट

SIR सुनवाई में AERO को धमकी, CEO कार्यालय ने मांगी रिपोर्ट

SIR को लेकर बढ़ता विवाद
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केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी और प्रशासनिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। चुनाव आयोग के स्पष्ट और कड़े निर्देशों के बावजूद सुनवाई केंद्र में AERO को धमकाए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। उत्तर 24 परगना के मोहनपुर पंचायत क्षेत्र में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। आयोग पहले ही साफ कर चुका है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी अधिकारी को डराने या दबाव बनाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मोहनपुर में सुनवाई के दौरान हंगामा

घटना मोहनपुर पंचायत के बूथ नंबर 210 और 211 की है। शांतिनगर गर्ल्स स्कूल में SIR सुनवाई के दौरान AERO पियाली बनर्जी दस्तावेजों की जांच कर रही थीं। इसी दौरान कुछ लोगों के साथ विवाद खड़ा हो गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति बिगड़ते देख सुनवाई को बीच में ही रोकना पड़ा।

AERO का आरोप : गंभीर धमकी दी गई

AERO पियाली बनर्जी ने आरोप लगाया कि सुनवाई के दौरान उन्हें खुलेआम धमकी दी गई और सुनवाई न करने का दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे बन गए थे कि उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा महसूस होने लगा, जिसके चलते सुनवाई स्थगित करनी पड़ी। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

तृणमूल कार्यकर्ता का पलटवार

दूसरी ओर, स्थानीय तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता शेख आरिफ ने धमकी देने के आरोपों से इनकार किया है। उनका दावा है कि AERO ने उनके भाई को बांग्लादेशी बताया, जबकि वह लंबे समय से रोमानिया में काम करता है। इसी मुद्दे पर बहस हुई, जिसे गलत तरीके से धमकी का रूप दिया जा रहा है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। नगर निगम मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि चुनाव आयोग का काम धमकी देना नहीं, बल्कि गलतियों को सुधारना है। वहीं विपक्षी दलों ने इस घटना को सत्ताधारी दल द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाने का उदाहरण बताया है।

CEO कार्यालय ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

पूरे मामले पर पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने कहा है कि घटना की विस्तृत रिपोर्ट संबंधित जिला प्रशासन से मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। आयोग ने दोहराया है कि SIR प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त माहौल में पूरी की जाएगी तथा किसी भी तरह की धमकी या दबाव को गंभीरता से लिया जाएगा।

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