निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बनगांव : उत्तर 24 परगना के बनगांव में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहाँ मतदाता सूची के विशेष सत्यापन (SIR) के लिए पुलिस एक विचाराधीन कैदी को जेल से सीधे स्कूल में होने वाली सुनवाई में लेकर पहुँची। शनिवार को बागदा थाना क्षेत्र के लोग इस मंजर को देखते रह गए।
जेल में बंद था आरोपी, घर आया था नोटिस
जानकारी के अनुसार, बागदा के मालीपोता ग्राम पंचायत अंतर्गत देयारा इलाके के निवासी शाकिल शेख पिछले 17 महीनों से कृष्णनगर जेल में बंद हैं। शाकिल पर पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इसी बीच, मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत उनके दस्तावेजों की जांच के लिए चुनाव आयोग की ओर से नोटिस जारी किया गया। नोटिस घर पहुँचने पर परिवार वाले परेशान हो गए कि जेल में बंद व्यक्ति सुनवाई में कैसे शामिल होगा।
शाकिल के परिवार ने इस संबंध में पुलिस प्रशासन से संपर्क किया और बताया कि 17 जनवरी को हेलेंचा गर्ल्स हाई स्कूल में उनकी सुनवाई तय है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कृष्णनगर जेल पुलिस शनिवार सुबह शाकिल को लेकर पहले बागदा थाने पहुँची। वहां से कड़े सुरक्षा घेरे में उसे हेलेंचा गर्ल्स हाई स्कूल ले जाया गया, जहाँ चुनाव आयोग के अधिकारियों के सामने उसकी सुनवाई हुई। शाकिल के परिजन भी जरूरी कागजात लेकर स्कूल पहुँचे थे।
शाकिल के पिता सिराजुल शेख ने बताया कि उनका बेटा मुंबई में काम करता था, जहाँ से कृष्णगंज थाना पुलिस ने उसे पॉক্সो मामले में गिरफ्तार किया था। वर्तमान में वह विचाराधीन कैदी है। उन्होंने कहा, "हमें डर था कि सुनवाई में शामिल न होने के कारण कहीं उसका नाम वोटर लिस्ट से न कट जाए। पुलिस ने उसे लाकर सुनवाई कराई, इसके लिए हम आभारी हैं।" उनके एक रिश्तेदार ने भी राहत जताते हुए कहा कि कानूनी मामला अपनी जगह है, लेकिन नागरिक पहचान के लिए वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी है, जो पुलिस की सक्रियता से संभव हो सका।
सुनवाई पूरी होने के बाद पुलिस शाकिल को वापस कृष्णनगर जेल ले गई। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान स्कूल परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।