

SIR गड़बड़ी पर जांच, जानबूझकर गलती पर होगी कड़ी कार्रवाई : CEO
केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बारुईपुर में SIR को लेकर चल रहे विवाद ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने उन मतदाताओं को मंच पर बुलाया, जिन्हें विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की सूची में मृत दिखाया गया था। मंच पर मोनिरुल मोल्ला, हरेकृष्ण गिरी और माया दास को लाया गया और उन्हें रैंप पर चलवाया गया। बताया गया कि इनमें से दो मतदाता मटियाब्रुज और एक काकद्वीप का निवासी है। इस घटना के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि जीवित मतदाताओं को मृत घोषित किए जाने के आरोपों की गंभीरता से जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने जान-बूझकर ऐसी लापरवाही की है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चुनाव अधिकारी के अनुसार, SIR प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह पता लगाया जाएगा कि गलती किस स्तर पर हुई। आयोग ने भरोसा दिलाया है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि मतदाता सूची की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।
SIR कार्य में कर्मचारियों की भारी कमी
एक सवाल के जवाब में CEO मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि SIR से जुड़े काम में राज्य और केंद्र सरकार के ही कर्मचारी लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पूरे पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग के अपने अधिकतम 30 कर्मचारी हैं, जबकि दिल्ली में लगभग 200 कर्मचारी ही कार्यरत हैं।
अप्रशिक्षित कर्मचारियों से बढ़ी गलतियां
CEO ने स्वीकार किया कि जहां-जहां SIR का काम चल रहा है, वहां स्थानीय सरकारी कर्मचारियों को डेपुटेशन पर लेकर कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकतर कर्मचारी इस प्रक्रिया में पूरी तरह प्रशिक्षित नहीं हैं, इसलिए गलतियां होना स्वाभाविक है।
अभिषेक बनर्जी की शिकायत पर होगी जांच
मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी द्वारा लगाए गए आरोपों और शिकायतों की जांच की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि गड़बड़ी आखिर कहां हुई।
‘SIR में मारे गए’ लोगों के परिवार हुए शामिल
शुक्रवार को होने वाली एक इनॉगरेशन मीटिंग में उन तीन लोगों के परिवारों को बुलाया गया, जिनकी मौत के लिए परिजनों ने SIR को जिम्मेदार ठहराया है। इनमें शफीकुल गाजी, हफीज शाहबुद्दीन और अबू तालेब सरदार के परिवार शामिल हुए।
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर हमला
अभिषेक बनर्जी ने उन सभी मतदाताओं और बीएलओ के परिवारों के प्रति संवेदना जताई, जिनकी पिछले कुछ हफ्तों में कथित तौर पर SIR के डर से मौत हुई। उन्होंने चुनाव आयोग पर तीखा हमला करते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया लोगों में भय पैदा कर रही है।