'SIR' पर संग्राम: संदेशखली में BDO ऑफिस में तोड़फोड़

'SIR' controversy: Vandalism at BDO office in Sandeshkhali.
फाइल फोटो REP
Published on

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

संदेशखली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision - SIR) की प्रक्रिया को लेकर आम जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। फरक्का और चाकुलिया के बाद अब उत्तर 24 परगना के संदेशखली में भारी तनाव फैल गया है। यहाँ प्रदर्शनकारियों ने बीडीओ (BDO) कार्यालय में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की, जिससे प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है।

BDO कार्यालय में तांडव और दस्तावेजों की बर्बादी

मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को उपद्रवियों के एक समूह ने अचानक संदेशखली बीडीओ कार्यालय पर हमला बोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने न केवल कार्यालय के फर्नीचर और संपत्ति को नुकसान पहुँचाया, बल्कि भीतर रखे कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों और फाइलों को भी तितर-बितर कर दिया। इस अचानक हुए हमले से वहां मौजूद सरकारी कर्मचारी दहशत में आ गए और अपनी जान बचाने के लिए दफ्तर छोड़कर बाहर भागने लगे।

घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुँचा। फिलहाल पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के जरिए उपद्रवियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

क्या है विवाद की जड़?

एसआईआर (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष संशोधन की प्रक्रिया को लेकर बंगाल के विभिन्न जिलों में नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के नाम पर वैध मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है और साजिश के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं। मंगलवार को इसी मुद्दे पर 'भारतीय संविधान रक्षा मंच' के बैनर तले नदिया के नवदा और आमतला में भी बड़ा विरोध प्रदर्शन देखा गया।

राज्य के अन्य हिस्सों में भी हिंसा और जाम

एसआईआर के विरोध की आग केवल संदेशखली तक सीमित नहीं रही:

  • बादुड़िया: यहाँ प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर रास्ता जाम कर दिया, जिससे घंटों यातायात बाधित रहा।

  • बसन्ती: यहाँ एक सुनवाई केंद्र (Hearing Centre) में तोड़फोड़ की घटना सामने आई है।

  • नदिया: कई जगहों पर सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि एसआईआर के बहाने लोकतंत्र पर हमला किया जा रहा है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

इस मुद्दे पर राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का आरोप है कि यह बंगाल के लोगों के नाम काटने की एक साजिश है। वहीं, भाजपा ने भी इस प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है।

प्रशासन ने साफ किया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन राज्य भर में फैला यह असंतोष फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in