

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
जगदल : उत्तर 24 परगना जिले के श्यामनगर स्थित बनर्जीपाड़ा पूजा मंदिर समिति इस वर्ष अपनी दुर्गापूजा के 91वें वर्ष में पिता के त्याग, संघर्ष और परिवार के प्रति उनके नि:स्वार्थ प्रेम को उजागर करेगी। ‘पिता : बरगद की छांव’ की परिकल्पना पर आधारित इस वर्ष के थीम में पिता की भूमिका को बरगद के विशाल वृक्ष के माध्यम से दर्शाया गया है। समिति के थीम के अनुसार, जिस तरह बरगद की जड़ें मजबूती देती हैं, उसका तना स्थिरता का प्रतीक होता है और उसकी शाखाएं लोगों को धूप और तूफान से बचाकर आश्रय प्रदान करती हैं, उसी तरह पिता भी परिवार को सुरक्षा, सहारा और मजबूती देते हैं।
बरगद के पेड़ के माध्यम से दिखेगी परिवार में पिता की भूमिका
परिवार के लिए उनके संघर्ष और त्याग कई बार सामने नहीं आ पाते, लेकिन उनका योगदान पीढ़ियों तक परिवार को संभालकर रखता है। पूजा समिति की इस परिकल्पना के जरिए पिता के उस प्रेम को सामने लाने का प्रयास किया गया है, जो बिना किसी अपेक्षा के परिवार के लिए समर्पित रहता है। यहां पिता की जिम्मेदारियां, मेहनत और अनकहे संघर्ष परिवार के सदस्यों को कठिन परिस्थितियों से लड़ने की ताकत देते हैं। बरगद की छांव को पिता के संरक्षण और उनके स्नेह का प्रतीक बनाकर पारिवारिक रिश्तों के महत्व को रेखांकित किया गया है।