श्यामनगर : कर्जदारों की धमकी से परेशान होकर गृहिणी ने की आत्महत्या

Shyamnagar: A housewife committed suicide after being harassed by creditors.
सांकेतिक फोटो
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निधि, संवाददाता

जगदल : जगदल थाना अंतर्गत आतपुर बंकिमनगर इलाके से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां ऋण के बोझ और कर्जदारों की लगातार मिल रही धमकियों से तंग आकर एक गृहिणी ने मौत को गले लगा लिया। मृतका की पहचान रमा बसाक के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है और पुलिस ने मौके से बरामद सुसाइड नोट के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

स्वयं सहायता समूह (SHG) के कर्ज का जाल !

स्थानीय सूत्रों और परिजनों के अनुसार, रमा बसाक लंबे समय से इलाके में महिलाओं के स्वयं सहायता समूह (Self Help Group) का ऋण प्रबंधन देख रही थीं। इसी प्रक्रिया के दौरान वह धीरे-धीरे खुद कर्ज के गहरे जाल में फंस गईं। बताया जा रहा है कि समूह के ऋण की किश्तें चुकाने और अन्य वित्तीय लेन-देन के कारण उन पर भारी देनदारी हो गई थी।

गाली-गलौज और धमकी का आरोप

मृतका की बेटी उन्मेषा बसाक ने रोते हुए बताया कि उसकी मां पिछले कुछ समय से काफी मानसिक दबाव में थीं। उन पर कर्ज चुकाने के लिए कुछ लोगों द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि कुछ कर्जदार अक्सर घर के पास आकर रमा बसाक को गंदी गालियां देते थे और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देते थे। इसी अपमान और डर के कारण वह मानसिक रूप से टूट चुकी थीं।

सुसाइड नोट और पुलिस की कार्रवाई

शनिवार सुबह जब रमा बसाक का शव उनके घर में संदिग्ध स्थिति में पाया गया, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही जगद्दल थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस को तलाशी के दौरान एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें कथित तौर पर उन लोगों के नामों का जिक्र है जो उन्हें परेशान कर रहे थे।

पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर लिया है और उसे हैंडराइटिंग मिलान के लिए फॉरेंसिक लैब भेजने की तैयारी कर रही है। जगद्दल थाना पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या यह केवल कर्ज का मामला है या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा है जो ऊंची ब्याज दरों पर पैसे देकर महिलाओं को प्रताड़ित करता है।

परिजनों की मांग

मृत्तक महिला की बेटी और अन्य परिजनों ने उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने रमा बसाक को आत्महत्या के लिए उकसाया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि माइक्रोफाइनेंस और स्वयं सहायता समूहों के नाम पर ग्रामीण क्षेत्रों में कर्ज का बढ़ता बोझ कई बार गरीब परिवारों के लिए काल बन जाता है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सुसाइड नोट में नामजद लोगों से पूछताछ की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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