शर्मनाक, अस्वीकार्य और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमलाः ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को दिल्ली में गृह मंत्रालय के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी सांसदों के साथ हुए बर्ताव की निंदा की है।
शर्मनाक, अस्वीकार्य और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमलाः ममता
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कोलकाताः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को दिल्ली में गृह मंत्रालय के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी सांसदों के साथ हुए बर्ताव की निंदा की और इसे ‘‘शर्मनाक, अस्वीकार्य और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला” करार दिया ।

वहीं राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के कार्यालय और इसके संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर की गई छापेमारी के खिलाफ पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शुक्रवार को कोलकाता में पार्टी प्रमुख एवं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में मार्च निकाला।

शुक्रवार को दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस के कई सांसदों को उस वक्त हिरासत में ले लिया गया, जब वे केंद्र द्वारा जांच एजेंसियों के कथित गलत इस्तेमाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘चुने हुए प्रतिनिधियों को, उनके लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने पर सड़कों पर घसीटना… कानून लागू करना नहीं है – यह वर्दी में अहंकार है।’’ उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतंत्र है, भारतीय जनता पार्टी की निजी संपत्ति नहीं है।

चुने प्रतिनिधियों को अपमानित करने की कोशिश

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र ‘सत्ता में बैठे लोगों की सुविधा या आराम’ पर नहीं चलता। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जहां इसके नेता विरोध प्रदर्शनों के दौरान ‘रेड कार्पेट और खास सुविधाओं’ की उम्मीद करते हैं, वहीं विपक्षी सांसदों को आवाज उठाने पर ‘घसीटा जाता है, हिरासत में लिया जाता है और अपमानित किया जाता है।’

ममता ने कहा कि संस्थाओं और राजनीतिक लोगों के बीच परस्पर सम्मान होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘आप हमारा सम्मान करते हैं, हम आपका सम्मान करते हैं।’ उन्होंने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को अपमानित करने की कोशिशों का जवाब ‘सहिष्णुता, असहमति और लोकतांत्रिक नैतिकता’ से दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी सरकार, कोई भी पार्टी और कोई भी गृह मंत्री यह तय नहीं कर सकता कि लोकतंत्र में कौन सम्मान का हकदार है।’

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कोलकाता में विरोध मार्च

मार्च के दौरान ममता ने तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और समर्थकों के साथ 8बी बस स्टैंड क्षेत्र से मार्च शुरू किया, जो हाजरा मोड़ की ओर बढ़ा। इस दौरान, प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और उस पर 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ‘‘राजनीतिक प्रतिशोध के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग’’ करने का आरोप लगाया।

यह विरोध मार्च बृहस्पतिवार को जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर ईडी द्वारा ली गई तलाशी के दौरान ममता के नाटकीय रूप से वहां पहुंचने के एक दिन बाद निकाला जा रहा है। ममता ने आरोप लगाया है कि ईडी विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और गोपनीय संगठनात्मक डेटा को जब्त करने का प्रयास कर रही है, जिनका किसी भी वित्तीय जांच से कोई लेना-देना नहीं है।

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