एसएफआई ने लॉ कॉलेज की परीक्षा पुडुचेरी विश्वविद्यालय से कराने की मांग की

एसएफआई ने लॉ कॉलेज की परीक्षा पुडुचेरी विश्वविद्यालय से कराने की मांग की
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल से आग्रह किया है कि वे संबंधित प्राधिकरणों को निर्देशित करें कि अंडमान लॉ कॉलेज के वर्ष 2025-26 शैक्षणिक सत्र के प्रथम वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं अन्य कॉलेजों की भांति पुडुचेरी विश्वविद्यालय के माध्यम से कराई जाएं। एसएफआई अंडमान एवं निकोबार राज्य आयोजन समिति के संयोजक अब्दुल वारिस ने उपराज्यपाल को संबोधित पत्र में बताया कि वर्ष 1988 से द्वीपसमूह के सभी उच्च शिक्षण संस्थान पुडुचेरी विश्वविद्यालय से संबद्ध रहे हैं, जिसकी स्थापना संसद द्वारा पारित अधिनियम के तहत हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च शिक्षा के व्यवसायीकरण के उद्देश्य से भारत सरकार और अंडमान प्रशासन ने द्वीपवासियों की सहमति के बिना एक डीम्ड विश्वविद्यालय स्थापित कर दिया, जिसके तहत सातों कॉलेजों को पुडुचेरी विश्वविद्यालय से असंबद्ध कर नवस्थापित डीम्ड विश्वविद्यालय के अधीन कर दिया गया।

हालांकि छात्रों की परीक्षाएं अब भी पुडुचेरी विश्वविद्यालय द्वारा ही कराई जाती रही हैं और नामांकन भी उसी तरह हुआ मानो कॉलेज अभी भी पुडुचेरी विश्वविद्यालय से संबद्ध हो। अब्दुल वारिस ने कहा कि लॉ कॉलेज के प्रथम वर्ष के छात्रों का नामांकन भी पुडुचेरी विश्वविद्यालय के माध्यम से हुआ, लेकिन हाल ही में उन्हें जानकारी मिली कि उनकी परीक्षाएं डीम्ड विश्वविद्यालय द्वारा कराई जाएंगी।

इस पर प्रतिक्रिया स्वरूप, 03 फरवरी 2026 को छात्रों ने कॉलेज परिसर में आंदोलन शुरू कर दिया, जिससे पढ़ाई बाधित हो गई। उन्होंने बताया कि अन्य सभी कॉलेजों में प्रथम वर्ष की परीक्षाएं सामान्य रूप से पुडुचेरी विश्वविद्यालय द्वारा ही कराई जा रही हैं। अब्दुल वारिस ने उपराज्यपाल से अनुरोध किया कि वे छात्रों की चिंता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निर्देश जारी करें, ताकि अंडमान लॉ कॉलेज के प्रथम वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं भी अन्य कॉलेजों की तरह पुडुचेरी विश्वविद्यालय के माध्यम से कराई जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम से छात्रों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी और शैक्षणिक व्यवस्था में समानता सुनिश्चित होगी एसएफआई ने उपराज्यपाल से यह अपील की है कि वे शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप करें, ताकि लंबित विवाद का समाधान जल्द हो सके और छात्र शांतिपूर्ण ढंग से अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।

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