

वाशिंगटन, 24 जून (एपी): ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट ने मंगलवार को पहली बार युद्ध शक्तियों संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसका उद्देश्य ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को सीमित करना है।
यह प्रस्ताव युद्ध को रोकने के लिए सीनेट में 10वीं कोशिश थी। मतदान में प्रस्ताव के पक्ष में 50 वोट पड़े, जबकि विरोध में 48 वोट आए। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी पूरी तरह कानून का रूप नहीं ले पाया है, लेकिन इसे ट्रंप प्रशासन की ईरान नीति को लेकर संसद में बढ़ती चिंता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
इससे पहले युद्ध शक्तियों संबंधी प्रस्तावों के समर्थन में अधिकतम चार रिपब्लिकन सांसद ही सामने आए थे। इस बार भी रिपब्लिकन सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की, सुसान कॉलिन्स, रैंड पॉल और बिल कैसिडी ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया।
वहीं, पेनसिल्वेनिया से डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन फेटरमैन ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया।
सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने ट्रंप प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि कई रिपब्लिकन सांसदों ने अमेरिकी जनता की जगह राष्ट्रपति और उनके युद्ध अभियान का समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि ईरान को लेकर ट्रंप का फैसला अमेरिका की विदेश नीति की बड़ी गलतियों में गिना जाएगा।
यह मतदान ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ईरान युद्ध के बाद हथियारों और गोला-बारूद के भंडार को फिर से तैयार करने के लिए संसद से करीब 80 अरब अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त राशि मांग रहा है।
हालांकि युद्ध शक्तियों संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है, लेकिन इसका अंतिम प्रभाव आगे की राजनीतिक प्रक्रिया और प्रतिनिधि सभा के रुख पर निर्भर करेगा।