

नई दिल्ली : उन्नाव रेप केस में बड़ा फैसला सुनाते हुए Supreme Court of India ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें पूर्व बीजेपी विधायक Kuldeep Singh Sengar की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर उन्हें जमानत देने की बात कही गई थी। शीर्ष अदालत ने मामले को फिर से सुनवाई के लिए हाईकोर्ट को वापस भेज दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम आदेश देते समय कुछ अहम पहलुओं पर विचार नहीं किया गया। इसलिए बिना मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी किए इस आदेश को रद्द किया जा रहा है और हाईकोर्ट को निर्देश दिया गया है कि वह सभी पक्षों को सुनकर नया फैसला दे।
यह आदेश उस याचिका पर सुनवाई के दौरान आया, जिसे Central Bureau of Investigation (CBI) ने दाखिल किया था। CBI ने हाईकोर्ट द्वारा सेंगर को दी गई राहत को चुनौती दी थी। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश Surya Kant और जस्टिस Joymalya Bagchi की पीठ ने की।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट मुख्य अपील पर जल्द सुनवाई करे। अगर किसी कारण से सुनवाई में देरी होती है, तो वह दोबारा सजा निलंबन पर नया आदेश पारित कर सकता है, लेकिन उससे पहले सभी पक्षों की दलीलें सुनना जरूरी होगा।
गौरतलब है कि इससे पहले 29 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। तब अदालत ने कहा था कि इस मामले में कई गंभीर कानूनी सवाल उठते हैं, जिन पर विचार जरूरी है।
कोर्ट ने यह भी माना था कि आमतौर पर किसी आरोपी को दी गई जमानत पर रोक नहीं लगाई जाती, लेकिन इस मामले की परिस्थितियां अलग हैं, इसलिए हस्तक्षेप जरूरी समझा गया।
इस फैसले के साथ फिलहाल कुलदीप सिंह सेंगर को कोई राहत नहीं मिली है और अब उनकी जमानत पर अंतिम फैसला हाईकोर्ट की नई सुनवाई के बाद ही होगा।