

देश में बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए केंद्र सरकार यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लगातार सख्त कदम उठा रही है। अब सरकार बस यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा बदलाव करने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि निकट भविष्य में बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए भी सीट बेल्ट लगाना जरूरी किया जाएगा। यह नियम लंबी दूरी की बसों, लग्जरी कोच समेत कई तरह की बसों पर लागू किया जाएगा।
यह जानकारी दिल्ली-एनसीआर में एक कार्यक्रम के दौरान दी गई। सरकार का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और गंभीर चोटों को कम करने के लिए यह फैसला लिया जा रहा है। अक्सर देखा गया है कि सड़क हादसों में कई लोगों की जान सिर्फ इसलिए चली जाती है क्योंकि वे सुरक्षित तरीके से सीट पर नहीं बैठे होते। ऐसे में सीट बेल्ट यात्रियों को गंभीर चोटों से बचाने में मदद करेगी।
पिछले कुछ वर्षों में देश में कई बड़े बस हादसे हुए हैं। कई मामलों में बस पलटने या तेज टक्कर के दौरान यात्री सीट से उछलकर घायल हो जाते हैं। सरकार का कहना है कि अगर यात्री सीट बेल्ट लगाएंगे तो हादसे के समय उनकी सुरक्षा बढ़ जाएगी, जिससे मौत के मामलों में कमी आ सकती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ ?
विशेषज्ञों के अनुसार, सीट बेल्ट शरीर को झटके से बचाती है और अचानक ब्रेक या टक्कर के दौरान यात्रियों को सीट पर सुरक्षित बनाए रखती है। इसी कड़ी में बसों में सीट बेल्ट को अनिवार्य बनाने की दिशा में काम शुरू किया गया है।
सख्ती बढ़ सकती है
यह नियम खासतौर पर उन बसों के लिए अहम माना जा रहा है जो हाईवे और एक्सप्रेसवे पर लंबी दूरी तय करती हैं। लग्जरी और वोल्वो जैसी बसों में पहले से कई सीटों पर बेल्ट मौजूद होती है, लेकिन यात्री उनका इस्तेमाल नहीं करते। नए नियम के बाद इस पर सख्ती बढ़ सकती है।
यात्रियों को क्या करना होगा ?
नया नियम लागू होने के बाद बस में बैठते ही यात्रियों को सीट बेल्ट लगानी होगी। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस नियम का पालन नहीं करने पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।