शिक्षा में सुधार के लिए स्कूलों का निरीक्षण अनिवार्य

अधिकारियों को हर महीने करना होगा स्कूलों का निरीक्षण
शिक्षा में सुधार के लिए स्कूलों का निरीक्षण अनिवार्य
Published on: 

शिक्षा विभाग ने जारी किया नया निर्देश

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के प्राइमरी, अपर-प्राइमरी, सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ाई और बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए स्कूलों के नियमित निरीक्षण पर जोर दिया है। विकास भवन द्वारा जारी एक निर्देश के तहत स्कूल शिक्षा निदेशालय के सभी निरीक्षण अधिकारियों के लिए तय समय-अंतराल पर स्कूलों का दौरा करना अनिवार्य कर दिया गया है। आदेश के अनुसार पश्चिम बंगाल सबऑर्डिनेट एजुकेशन सर्विस और एजुकेशन सर्विस कैडर के अधिकारियों को महीने में कम से कम एक स्कूल का दौरा करना होगा। सब-इंस्पेक्टरों को अब हर हफ्ते कम से कम दो स्कूलों का दौरा करना होगा, जबकि असिस्टेंट इंस्पेक्टरों को महीने में कम से कम दो स्कूलों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। डिप्टी डायरेक्टर और जॉइंट डायरेक्टर को अपने दौरे का शेड्यूल पहले से ही कमिश्नर को सौंपना होगा। इसी तरह अन्य अधिकारियों को भी अपने जिले के निरीक्षकों को इसकी जानकारी देनी होगी।

एम-परिदर्शन ऐप पर रिकॉर्ड होगी रिपोर्ट

सभी स्कूल निरीक्षण डेटा को एम-परिदर्शन ऐप पर अपडेट और रिकॉर्ड करना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे यह पूरी तरह पक्का हो सके कि कौन सा अधिकारी किस स्कूल का दौरा कब कर रहा है। शिक्षा समुदाय के एक वर्ग का मानना है कि इस सख्त निगरानी से ग्रामीण इलाकों के स्कूलों की चुनौतियों का प्रशासनिक स्तर पर सीधा आकलन करने और उचित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in